Middle East War : जल रहा है होर्मुज 3 टैंकरों पर हमले के बाद 200 डॉलर पार करेगा कच्चा तेल ईरान की खुली चेतावनी
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में लेने को तैयार है। सामरिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ताजा खबरों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में इस जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन बड़े मालवाहक टैंकरों को अज्ञात प्रोजेक्टाइल्स (मिसाइल या ड्रोन) से निशाना बनाया गया है।
समंदर में धधकी लपटें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हमले का शिकार हुए जहाजों में से एक थाईलैंड का टैंकर है, जिसमें भीषण आग लग गई। रॉयल थाई नेवी ने बहादुरी दिखाते हुए चालक दल के सभी 23 सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया है। वहीं, दूसरा हमला यूएई के तट के पास एक जापानी कंटेनर जहाज पर हुआ। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका और इजरायल के सहयोगियों का एक लीटर तेल भी यहाँ से गुजरने नहीं देगा।
ईरान की चेतावनी: "200 डॉलर प्रति बैरल के लिए तैयार रहें" ईरान के कड़े रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भूकंप ला दिया है। ईरान के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि क्षेत्र में स्थिरता नहीं लौटी, तो कच्चे तेल की कीमत $200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड पहले ही $100 के स्तर को पार कर चुका है। आपको बता दें कि दुनिया का करीब 20% तेल इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।
भारत पर क्या होगा असर? होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी इस 'टैंकर वॉर' का सीधा असर भारत पर पड़ने वाला है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। यदि यह मार्ग पूरी तरह ब्लॉक होता है, तो भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत हो सकती है और कीमतें आसमान छू सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया बिगड़ते हालात को देखते हुए International Energy Agency (IEA) ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और बाजार में 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का फैसला किया है ताकि आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सामरिक भंडार से तेल निकालने का ऐलान किया है, लेकिन युद्ध की बढ़ती तपिश के आगे ये उपाय नाकाफी नजर आ रहे हैं।