Middle East War : कतर, तुर्किये और सीरिया में रह रहे भारतीयों के लिए केंद्र सरकार की बड़ी एडवाइजरी, दोहा में सेवाएं निलंबित
News India Live, Digital Desk: ईरान-इजरायल युद्ध के चलते पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कतर, तुर्किये और सीरिया के दूतावासों को हाई अलर्ट पर रखा है। हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने से हजारों भारतीय यात्री अलग-अलग देशों में फंस गए हैं।
कतर: दोहा दूतावास में सेवाएं अस्थायी रूप से बंद
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक घोषणा की है कि 2 मार्च 2026 को सभी नियमित कांसुलर सेवाएं (पासपोर्ट, वीजा, सत्यापन) बंद रहेंगी।
हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए 24/7 हेल्पलाइन नंबर +974-55647502 जारी किया गया है।
ईमेल: नागरिक cons.doha@mea.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।
सलाह: भारतीयों को सैन्य ठिकानों से दूर रहने और स्थानीय अधिकारियों के 'इमरजेंसी अलर्ट' का पालन करने को कहा गया है।
तुर्किये और सीरिया: उड़ानों पर लगा ब्रेक
तुर्किये के इस्तांबुल एयरपोर्ट और सबीहा गोकचेन एयरपोर्ट पर सैकड़ों उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।
इस्तांबुल अलर्ट: इस्तांबुल में भारतीय महावाणिज्य दूतावास एयरलाइंस और फंसे हुए भारतीय यात्रियों के साथ लगातार संपर्क में है। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले एयरलाइंस से स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।
सीरिया: सीरिया में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल है, लेकिन ताजा हमलों के बाद वहां मौजूद मुट्ठी भर भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है।
हवाई क्षेत्र बंद: 400 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित
मध्य पूर्व के 11 देशों (ईरान, इजरायल, यूएई, कतर, सऊदी अरब आदि) द्वारा अपना एयरस्पेस बंद करने या रूट बदलने के कारण वैश्विक विमानन सेवा ठप हो गई है।
भारत पर असर: एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा जैसी एयरलाइंस ने अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। अकेले रविवार को 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं।
DGCA की सख्ती: डीजीसीए ने भारतीय पायलटों को युद्ध क्षेत्र के ऊपर से उड़ान न भरने के सख्त निर्देश दिए हैं, जिसके कारण यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों के समय में 2-3 घंटे की वृद्धि हुई है।
विदेश मंत्रालय की अपील: "सतर्क रहें, संपर्क में रहें"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कतर, यूएई, बहरीन और ईरान के अपने समकक्षों से बात की है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय कामगारों के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।