US-Iran War : ये हैं वो 8 महाविनाशक हथियार MQ-9 रीपर और 7 तरह के अमेरिकी जेट्स ने कैसे मिनटों में तबाह किया ईरान का रक्षा तंत्र

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News India Live, Digital Desk : अमेरिकी वायुसेना (USAF) और नौसेना ने मिलकर ईरान के रडार सिस्टम, मिसाइल डिपो और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में 'स्टील्थ' तकनीक और 'प्रेसिजन स्ट्राइक' (सटीक निशाना) का अद्भुत तालमेल देखा गया।

1. MQ-9 रीपर ड्रोन (The Hunter-Killer)

यह वही ड्रोन है जिसने कासिम सुलेमानी को मारा था और अब खामेनेई के अंत में भी इसकी बड़ी भूमिका बताई जा रही है।

खासियत: यह चुपचाप 50,000 फीट की ऊंचाई पर घंटों उड़ सकता है। इसमें 'हेलफायर' मिसाइलें लगी होती हैं जो बिना आवाज किए टारगेट को खत्म कर देती हैं।

2. F-35 लाइटनिंग II (The Invisible Ghost)

यह दुनिया का सबसे आधुनिक 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट है।

रोल: इसकी सबसे बड़ी ताकत इसका 'स्टील्थ' होना है, यानी ईरान के रूसी S-300 और S-400 रडार इसे देख भी नहीं पाए और इसने अपना काम कर दिया।

3. B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर (The Flying Wing)

ईरान के भूमिगत (Underground) परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए इसे तैनात किया गया।

खासियत: यह 'बंकर बस्टर' बम ले जाने में सक्षम है जो कई फीट मोटी कंक्रीट की दीवारों को चीर कर अंदर धमाका करते हैं।

4. F-22 रैप्टर (Air Dominance)

हमले के दौरान ईरानी एयरफोर्स के किसी भी विमान को हवा में न आने देने की जिम्मेदारी इसकी थी। यह दुनिया का सबसे बेहतरीन 'डॉगफाइटर' जेट माना जाता है।

5. F-15E स्ट्राइक ईगल

यह एक 'भारी भरकम' लड़ाकू विमान है जो भारी मात्रा में बम और मिसाइलें ले जा सकता है। इसने ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स पर भीषण बमबारी की।

6. EA-18G ग्राउलर (The Jammer)

इस विमान ने सबसे पहले हमला किया। इसने अपनी इलेक्ट्रॉनिक किरणों से पूरे ईरान के कम्युनिकेशन और रडार सिस्टम को 'जैम' (Jam) कर दिया, जिससे ईरान की सेना अंधी और बहरी हो गई।

7. AC-130J घोस्टराइडर (The Gunship)

इसे 'आसमान से बरसती मौत' कहा जाता है। यह कम ऊंचाई पर उड़कर अपनी तोपों से जमीन पर मौजूद ठिकानों को पूरी तरह मटियामेट कर देता है।

8. F-16 फाइटिंग फाल्कन

इजरायल और अमेरिका दोनों ने इसका इस्तेमाल अपनी फुर्ती और सटीक गाइडेड बमों के लिए किया।

ऑपरेशन की रणनीति: कैसे हुआ हमला?

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर: सबसे पहले EA-18G ने रडार बंद किए।

स्टील्थ अटैक: F-35 और F-22 ने एयर डिफेंस सिस्टम को तोड़ा।

हैवी बॉम्बिंग: B-2 बॉम्बर और F-15 ने मुख्य ठिकानों को जमीनदोज किया।

टारगेटेड किलिंग: MQ-9 रीपर ने विशिष्ट लक्ष्यों (HVT) को निशाना बनाया।