पीएम मोदी ने नेतन्याहू को मिलाया फोन मिडिल ईस्ट संकट पर बुलाई CCS की इमरजेंसी मीटिंग, जानें भारतीयों की सुरक्षा पर क्या है प्लान-B

Post

News India Live, Digital Desk: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के साझा हमले (ऑपरेशन रोरिंग लायन) के बाद उत्पन्न हुए युद्ध के हालातों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार (2 मार्च 2026) को इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर क्षेत्रीय शांति और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया है।

पीएम मोदी का नेतन्याहू को कड़ा संदेश: "हिंसा तुरंत रुके"

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया (X) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि:

शांति की अपील: भारत ने युद्ध को तुरंत रोकने (Early Cessation of Hostilities) और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की है।

नागरिकों की सुरक्षा: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि युद्ध के बीच निर्दोष नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारतीयों की चिंता: पीएम ने इजरायल में रह रहे करीब 40,000 भारतीयों और खाड़ी क्षेत्र के लाखों प्रवासियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

CCS की हाई-लेवल मीटिंग: दिल्ली में सुरक्षा का महामंथन

राजस्थान और गुजरात के दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री ने दिल्ली में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपातकालीन बैठक बुलाई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल शामिल हुए।

महासमुंद से लेकर दुबई तक नजर: बैठक में खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को निकालने (Evacuation) की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

आर्थिक प्रभाव: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत की तेल आपूर्ति और व्यापार पर पड़ने वाले असर का भी आकलन किया गया।

अलर्ट पर दूतावास: खाड़ी देशों के सभी भारतीय दूतावासों को 24/7 अलर्ट मोड पर रहने और 'इमरजेंसी हेल्प डेस्क' को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।

UAE के राष्ट्रपति से भी हुई बात

पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बात की और खाड़ी क्षेत्र में हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने यूएई में रह रहे भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए भारत के सहयोग का आश्वासन दिया।

क्या है भारत का अगला कदम?

भारत इस समय 'वेट एंड वॉच' (रुको और देखो) की नीति अपना रहा है, लेकिन यदि स्थिति और बिगड़ती है तो सरकार 'ऑपरेशन कावेरी' या 'वंदे भारत' जैसा बड़ा रेस्क्यू मिशन शुरू कर सकती है। फिलहाल, एयरस्पेस बंद होने के कारण एयरलिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।