तीसरे विश्व युद्ध की आहट? अमेरिका और ईरान के बीच ठनी, परमाणु हमले की धमकी से कांपा मिडिल ईस्ट

Post

News India Live, Digital Desk : दुनिया एक बार फिर भीषण युद्ध के मुहाने पर खड़ी है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब उस स्तर पर पहुंच गया है, जहां से वापसी का रास्ता धुंधला नजर आ रहा है। खाड़ी देशों में युद्ध के काले बादल गहराने लगे हैं और दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। इस टकराव ने न केवल मिडिल ईस्ट, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और शांति के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।

क्यों बिगड़े हालात? सीधे टकराव की आशंका

ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिमी देशों की चेतावनियों को दरकिनार कर दिया। इसके जवाब में अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने युद्धपोत और बॉम्बर तैनात कर दिए हैं। पेंटागन के सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका किसी भी 'उकसावे वाली कार्रवाई' का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।

ईरान की जवाबी धमकी: 'परमाणु हमले' का खतरा

ईरानी नेतृत्व ने भी झुकने से साफ इनकार कर दिया है। तेहरान की ओर से आए बयानों में कहा गया है कि अगर उनकी संप्रभुता पर हमला हुआ, तो वे अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि ईरान के पास मौजूद मिसाइल तकनीक और परमाणु क्षमता की खबरें इस तनाव को और अधिक 'विस्फोटक' बना रही हैं।

ग्लोबल मार्केट पर असर: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल?

इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दिखना शुरू हो गया है। कच्चा तेल (Crude Oil) की सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पर अगर संकट आता है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। शेयर बाजार में भी इस अनिश्चितता के चलते भारी गिरावट दर्ज की जा रही है।

दुनिया के बड़े देशों की अपील

रूस, चीन और यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि एक छोटी सी गलती भी इस क्षेत्र को ऐसी आग में झोंक सकती है, जिसे बुझाना नामुमकिन होगा। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं, जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।