Masik Karthigai 2026 : कब है मासिक कार्तिकेय? जानें शुभ मुहूर्त और भगवान मुरुगन को प्रसन्न करने के अचूक उपाय
News India Live, Digital Desk : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर महीने जब कृत्तिका नक्षत्र आता है, तब मासिक कार्तिकेय का पर्व मनाया जाता है। फरवरी 2026 में यह शुभ तिथि बेहद महत्वपूर्ण संयोग लेकर आ रही है। भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और दीप दान करने से जीवन के सभी दुखों का नाश होता है।
Masik Karthigai 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
फरवरी के महीने में मासिक कार्तिकेय की तिथि को लेकर भक्तों में उत्साह है।
तारीख: 23 फरवरी 2026, सोमवार।
नक्षत्र: भरणी नक्षत्र समाप्त होने के बाद कृत्तिका नक्षत्र का प्रारंभ होगा।
पूजा का समय: शाम के समय दीप प्रज्वलन और मुरुगन स्वामी की पूजा का विशेष महत्व है।
भगवान मुरुगन को कैसे करें प्रसन्न? (पूजा विधि)
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
दीप दान (Lamp Lighting): शाम को सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार और पूजा कक्ष में मिट्टी के दीये जलाएं। इसे 'कार्तिकेय दीपम' कहा जाता है।
अभिषेक: यदि संभव हो, तो भगवान मुरुगन की मूर्ति का पंचामृत या दूध से अभिषेक करें।
भोग: उन्हें लाल रंग के फूल और विशेष रूप से 'शकरकंद' या 'गुड़ से बनी मिठाई' का भोग लगाएं।
कष्टों से मुक्ति के लिए विशेष उपाय (Upay)
कर्ज मुक्ति के लिए: यदि आप कर्ज से परेशान हैं, तो आज के दिन 'कार्तिकेय अष्टकम' का पाठ करें।
शत्रु बाधा दूर करने के लिए: भगवान मुरुगन के 'वेल' (अस्त्र) की पूजा करें और उन्हें सिंदूर अर्पित करें।
ग्रह शांति: चूंकि मुरुगन स्वामी मंगल ग्रह के अधिपति देव हैं, इसलिए आज की पूजा से कुंडली का 'मंगल दोष' भी शांत होता है।
मासिक कार्तिकेय का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, भगवान मुरुगन का जन्म छह ऋषियों की पत्नियों (कृत्तिका) के संरक्षण में हुआ था। इसलिए कृत्तिका नक्षत्र उन्हें अत्यंत प्रिय है। इस दिन जो भक्त सच्चे मन से उनकी आराधना करते हैं, उन्हें साहस, बुद्धि और विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है।