Panch Parva : कैलेंडर में मार्क कर लें ये 5 दिन ,जानें धनतेरस से भाई दूज तक हर पूजा का सटीक समय

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News India Live, Digital Desk: Panch Parva :  साल का वो समय आ गया है जिसका हम सबको बेसब्री से इंतज़ार रहता है. जब घर की दहलीज पर जलते दीये सिर्फ अँधेरे को ही नहीं, बल्कि मन की उदासी को भी दूर कर देते हैं. जी हाँ, रोशनी और खुशियों का पंच पर्व यानी दिवाली वीक शुरू होने वाला है. यह सिर्फ एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे पाँच दिनों का उत्सव है, जो धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलता है.

हर दिन का अपना एक अलग महत्व, एक अलग कहानी और एक अलग पूजा विधि है. आइए, जानते हैं इस साल इन पाँच दिनों में कौन सा त्योहार किस दिन है और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है.

पहला दिन: धनतेरस (शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2025)
यह दिन खरीदारी का दिन है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कोई भी चीज़ तेरह गुना बढ़ जाती है. यह दिन भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी और कुबेर देवता को समर्पित है.

  • क्या खरीदें: सोना, चाँदी, पीतल के बर्तन, झाड़ू, धनिया.
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:46 बजे से रात 08:21 बजे तक (प्रदोष काल).
  • यम का दीया: इस दिन शाम को घर के बाहर यम के नाम का दीया जलाना न भूलें, इससे अकाल मृत्यु का भय टलता है.

दूसरा दिन: नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली (शनिवार, 19 अक्टूबर 2025)
इस दिन को रूप चौदस और काली चौदस भी कहते हैं. मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके 16 हज़ार कन्याओं को उसकी कैद से मुक्त कराया था. इस दिन सुबह तेल और उबटन लगाकर स्नान करने से सौंदर्य बढ़ता है और नरक जाने का भय खत्म होता है.

  • अभ्यंग स्नान का मुहूर्त: सुबह 05:09 बजे से 06:24 बजे तक.

तीसरा दिन: दीपावली या बड़ी दिवाली (रविवार, 20 अक्टूबर 2025)
यह पाँच दिनों के उत्सव का मुख्य दिन है. इसी दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे. इस दिन शाम को धन-धान्य की देवी माँ लक्ष्मी और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा की जाती है.

  • लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 06:05 बजे से रात 08:31 बजे तक.
  • महानिशीथ काल पूजा: रात 11:39 बजे से देर रात 12:30 बजे तक.

चौथा दिन: गोवर्धन पूजा (सोमवार, 21 अक्टूबर 2025)
इसे अन्नकूट पूजा भी कहते हैं. इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़ने के लिए अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया था. इस दिन घर के आँगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है और 56 भोग का अन्नकूट तैयार किया जाता है.

  • पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:25 बजे से 08:40 बजे तक.

पाँचवाँ दिन: भाई दूज (मंगलवार, 22 अक्टूबर 2025)
यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है. इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और سلامتی की कामना करती हैं. मान्यता है कि इस दिन यमुना नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है.

  • भाई को तिलक करने का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक.

तो तैयार हो जाइए इस पंच पर्व का आनंद उठाने के लिए और इन शुभ मुहूर्तों में पूजा करके अपने घर में सुख-समृद्धि का स्वागत कीजिए.