अक्षय खन्ना पर फूटा मनीष गुप्ता का गुस्सा, बोले मुझे अपने ही प्रोजेक्ट से दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंका

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News India Live, Digital Desk : आज साल 2025 का आखिरी दिन (31 दिसंबर) है। आज जब हम मुड़कर देखते हैं, तो अक्षय खन्ना की 'सेक्शन 375' को एक कल्ट क्लासिक फिल्म माना जाता है। लेकिन मनीष गुप्ता के हालिया बयानों ने इस फिल्म की चमक पर एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। मनीष का दावा है कि जिस फिल्म को उन्होंने अपना खून-पसीना देकर लिखा और जिसे वो डायरेक्ट करने वाले थे, वहां उनके साथ एक 'दुश्मन' जैसा बर्ताव हुआ।

वो 6 महीने जो भारी पड़े!

मनीष गुप्ता के अनुसार, फिल्म की शुरुआत तो बहुत उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे काम बढ़ा, अक्षय खन्ना की तरफ से दिक्कतें शुरू हो गईं। मनीष का आरोप है कि अक्षय ने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को ताक पर रख दिया और बेवजह करीब 6 महीनों तक शूटिंग रोक दी। जब किसी प्रोजेक्ट का काम बीच में अटकता है, तो उसके लेखक या निर्माता पर क्या गुज़रती है, यह सिर्फ़ वही जान सकता है जिसने सालों अपनी मेहनत उसमें लगाई हो।

क्या एक एक्टर फिल्म का मालिक होता है?

मनीष गुप्ता ने साफ़ कहा कि अक्षय खन्ना की कथित 'इंटरफेरेंस' (हस्तक्षेप) इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि अंततः उन्हें उस फिल्म से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। सोचिए, कहानी आपकी थी, रिसर्च आपने की थी, लेकिन अंत में उस बच्चे को पालने की ज़िम्मेदारी किसी और को सौंप दी गई और असली पिता को किनारे कर दिया गया। मनीष की जगह बाद में अजय बहल को निर्देशक बनाया गया।

तैयारी और धोखा

अक्सर बॉलीवुड में स्टार पावर के आगे रचनात्मकता (creativity) घुटने टेक देती है। मनीष गुप्ता ने 'सरकार' और 'द स्टोनमैन मर्डर्स' जैसी फ़िल्में दी हैं, फिर भी एक लेखक-निर्देशक के तौर पर उन्हें वह इज्ज़त और हक नहीं मिला जो 'सेक्शन 375' में उनका होना चाहिए था। मनीष का आरोप है कि उनके आईडिया को तो इस्तेमाल किया गया, लेकिन उनका श्रेय उनसे छीन लिया गया।

सिर्फ एक नाम ही सब कुछ नहीं!

इंडस्ट्री के लोग मानते हैं कि अक्षय खन्ना एक शांत रहने वाले और टैलेंटेड अभिनेता हैं, लेकिन मनीष गुप्ता की बातों ने उनके व्यवहार पर एक नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठता है कि क्या किसी स्थापित एक्टर का ईगो एक डायरेक्टर की काबिलियत से बड़ा हो सकता है? आज के समय में जब बॉलीवुड की बड़ी फिल्में फ्लॉप हो रही हैं, क्या इस तरह का वर्क-कल्चर किसी भी इंडस्ट्री के लिए ठीक है?