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April 08 2026 04:29 pm

मणिपुर में फिर दहला इंफाल बम हमले में 2 मासूमों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट सेवा ठप, सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर

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News India Live, Digital Desk: मणिपुर में बीते कई महीनों से जारी जातीय हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा घटनाक्रम में, उग्रवादियों द्वारा किए गए एक भीषण बम हमले में दो मासूम बच्चों की जान चली गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद घाटी के इलाकों में तनाव चरम पर पहुँच गया है। स्थिति को अनियंत्रित होने से बचाने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 5 संवेदनशील जिलों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित (Internet Suspension) कर दिया है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और सेना व अर्धसैनिक बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

खेल रहे थे बच्चे, तभी हुआ हमला

जानकारी के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब बच्चे अपने घर के पास खेल रहे थे। उग्रवादियों द्वारा दागे गए मोर्टार या परिष्कृत बम (Improvised Bomb) के फटने से बच्चे इसकी चपेट में आ गए। इस हमले में कई अन्य नागरिकों के भी घायल होने की सूचना है, जिन्हें पास के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों में इस कायराना हमले को लेकर भारी आक्रोश है और इंफाल की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

इन 5 जिलों में डिजिटल 'ब्लैकआउट'

कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में मोबाइल इंटरनेट और डेटा सेवाओं पर रोक लगा दी है। सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ संदेश और फर्जी खबरें फैलने से हिंसा और भड़क सकती है। यह निलंबन फिलहाल अगले आदेश तक जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

सुरक्षा बलों का 'कॉम्बिंग ऑपरेशन' शुरू

मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने उन संदिग्ध इलाकों की घेराबंदी कर दी है, जहाँ से हमलावरों के छिपे होने की आशंका है। ड्रोन और हेलिकॉप्टरों के जरिए पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों की निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'आतंकी कृत्य' करार दिया है और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। मणिपुर में पिछले साल मई से जारी मैतेई और कुकी समुदायों के बीच के संघर्ष ने अब तक सैकड़ों जान ले ली हैं और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं।