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April 18 2026 04:17 am

Assam Election 2026: खड़गे का CM हिमंता पर सीधा वार, पूछा असम के मुख्यमंत्री की जांच क्यों नहीं हो रही?

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News India Live, Digital Desk: असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार के आखिरी दौर में राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखे सवाल दागे हैं। एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर हिमंता बिस्वा सरma के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच क्यों नहीं हो रही है? खड़गे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों के आरोप में एफआईआर दर्ज कर छापेमारी तेज कर दी है।

'वॉशिंग मशीन' वाले बयान से घेरा, भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि जो नेता दूसरी पार्टियों में रहते हुए 'भ्रष्ट' नजर आते हैं, वे बीजेपी में जाते ही 'वॉशिंग मशीन' में धुलकर साफ हो जाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एजेंसियों का इस्तेमाल केवल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। खड़गे ने पूछा, "अगर विपक्ष के नेताओं पर छापेमारी हो सकती है, तो उन लोगों को छूट क्यों दी जा रही है जो सत्ता की कुर्सी पर बैठे हैं?"

पवन खेड़ा विवाद और 'पाताल' वाली चेतावनी पर पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष का यह हमला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पवन खेड़ा को 'पाताल' से भी ढूंढ निकालने की चेतावनी दी थी। गौरतलब है कि पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ विदेशी पासपोर्ट और संपत्ति होने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने 'एआई फोटोशॉप्ड' और 'पाकिस्तानी साजिश' करार दिया है। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस इन धमकियों से डरने वाली नहीं है और जनता इस चुनाव में बीजेपी की तानाशाही का जवाब देगी।

कांग्रेस की '5 गारंटी' बनाम बीजेपी का 'हिंदुत्व कार्ड'

असम की चुनावी जंग अब पूरी तरह 'गारंटी बनाम ध्रुवीकरण' पर टिक गई है। जहाँ खड़गे ने महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, 25 लाख का स्वास्थ्य बीमा और बुजुर्गों के लिए पेंशन जैसी 5 बड़ी गारंटियों का एलान किया है, वहीं बीजेपी घुसपैठ और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दे पर आक्रामक है। खड़गे ने भरोसा जताया कि असम की जनता विकास और न्याय के लिए वोट करेगी। 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इस जुबानी जंग ने राज्य के चुनावी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।