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April 08 2026 09:53 am

मालदा कांड पर ममता बनर्जी का बड़ा हमला असली गुनहगार तो भाग गए, अब NIA निर्दोषों को कर रही है परेशान

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच मालदा के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसी NIA की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि हिंसा के असली मास्टरमाइंड बचकर निकल गए हैं, जबकि एजेंसी अब स्थानीय मासूम लोगों को निशाना बना रही है। मालदा के मानिकचक में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने इसे भाजपा की एक बड़ी 'साजिश' करार दिया है।

NIA की कार्रवाई पर सवाल: '50 बेगुनाह उठाए गए'

मुख्यमंत्री ने रैली के दौरान दावा किया कि दो सांप्रदायिक दलों ने मिलकर जजों का घेराव किया और वहां से फरार हो गए, लेकिन अब उनकी सजा स्थानीय युवाओं को भुगतनी पड़ रही है। ममता बनर्जी ने कहा, "NIA जांच के नाम पर अब तक करीब 50 निर्दोष लोगों को उठा चुकी है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।" उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करके राज्य की छवि खराब करने और लोगों में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

अमित शाह पर निशाना: 'बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने का गेम प्लान'

ममता बनर्जी ने इस पूरी घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मालदा की घटना एक प्रायोजित साजिश थी ताकि बंगाल की कानून-व्यवस्था को ध्वस्त दिखाया जा सके और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार तैयार किया जा सके। सीएम ने कहा कि चुनाव आयोग ने राज्य के अनुभवी अधिकारियों का तबादला कर दिया और उनकी जगह ऐसे बाहरी अधिकारियों को बैठा दिया जिन्हें बंगाल के भूगोल की समझ नहीं है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

वोटर लिस्ट से नाम कटने पर नाराजगी: 'ट्रिब्यूनल में लड़ेंगे लड़ाई'

रैली के दौरान जब ममता बनर्जी ने लोगों से पूछा कि क्या उनके नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, तो बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाकर सहमति जताई। इस पर हैरानी जताते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे उकसावे में न आएं और न्यायिक अधिकारियों के पास जाने के बजाय ट्रिब्यूनल में अपनी अर्जी दाखिल करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लोग कानून हाथ में लेंगे, तो CBI और NIA जैसी एजेंसियां उन्हें गिरफ्तार कर लेंगी, और फिलहाल उनके पास (मुख्यमंत्री के रूप में) पुलिस पर कोई नियंत्रण नहीं है।