मजीठिया की मुश्किलें बढ़ीं या मिली राहत? सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, लेकिन इस नोटिस ने बढ़ा दी धड़कनें
News India Live, Digital Desk : पंजाब की सियासत में हलचल मचाने वाले अकाली दल के कद्दावर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) के मामले में आज सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी थीं। हर कोई जानना चाहता था कि क्या उन्हें राहत मिलेगी या मुश्किलें और बढ़ेंगी?
आज (शुक्रवार) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तो हुई, लेकिन फैसला नहीं आया। कोर्ट ने मामले को आगे के लिए टाल (Adjourn) दिया है। लेकिन रुकिए, बात सिर्फ तारीख बढ़ने की नहीं है, इस सुनवाई में एक नया ट्विस्ट भी आया है।
PC एक्ट पर नोटिस: यह क्या नया माजरा है?
आज की सबसे बड़ी खबर यह रही कि सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Prevention of Corruption Act - PC Act) के तहत दायर अर्जी पर नोटिस जारी किया है।
आसान भाषा में समझें तो मजीठिया के वकीलों ने कोर्ट में यह दलील रखी थी कि ड्रग्स केस की आड़ में उन पर और भी धाराएं लगाने की कोशिश हो रही है। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सामने वाली पार्टी (सरकार/एजेंसी) से जवाब मांगा है। अब इस नोटिस का जवाब आने के बाद ही तय होगा कि जांच किस दिशा में जाएगी।
बार-बार क्यों टल रही है सुनवाई?
मजीठिया पिछले काफी समय से खुद पर दर्ज मामलों (एनडीपीएस और अब पीसी एक्ट की सुगबुगाहट) को रद्द करवाने या राहत पाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा रहे हैं। उनका और उनकी पार्टी (अकाली दल) का आरोप है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और पिछली कांग्रेस सरकार ने बदले की भावना (Vendetta Politics) से उन पर यह केस थोपे हैं।
आज जब मामला जस्टिस की बेंच के सामने आया, तो समय की कमी या वकीलों की दलीलों के चलते इसे अगली तारीख के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
पंजाब में मजीठिया का मामला सिर्फ एक कानूनी केस नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी मुद्दा है।
- अकाली दल: इसे सरासर ज्यादती बता रहा है।
- पंजाब सरकार: एसआईटी (SIT) के जरिए जांच को अंजाम तक पहुंचाने का दावा कर रही है।
आगे क्या?
फिलहाल बिक्रम मजीठिया को न तो कोई बड़ी राहत मिली है और न ही कोई बड़ा झटका लगा है। लेकिन 'पीसी एक्ट' वाले नोटिस ने यह इशारा जरूर कर दिया है कि यह कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलने वाली है। अब सबको इंतजार है कि अगली सुनवाई में क्या दलीलें पेश की जाती हैं और एसआईटी अपनी रिपोर्ट में क्या नया बम फोड़ती है।
दोस्तों, पंजाब की राजनीति में 'मजीठिया वर्सेज सरकार' का यह ड्रामा अभी खत्म होता नहीं दिख रहा।