Mahadev Puja Tips : आखिर भगवान शिव को क्यों चढ़ाए जाते हैं दूध, शहद और बेलपत्र? जानें इसके पीछे के वैज्ञानिक और ज्योतिषीय रहस्य

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में महादेव को 'भोलेनाथ' कहा जाता है क्योंकि वे मात्र एक लोटा जल और बेलपत्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शिव पूजन में दूध, शहद और बेलपत्र को ही सबसे श्रेष्ठ क्यों माना गया है? ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, इन सामग्रियों को अर्पित करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि कुंडली के कई दोष भी शांत होते हैं।

1. बेलपत्र: तीन गुणों का प्रतीक

भगवान शिव को बेलपत्र सबसे प्रिय है। शास्त्रों में कहा गया है 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्', यानी बेलपत्र की तीन पत्तियां सत, रज और तम गुणों का प्रतीक हैं।

ज्योतिषीय कारण: बेलपत्र चढ़ाने से जातक की कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है।

वैज्ञानिक तर्क: बेलपत्र में औषधीय गुण होते हैं और इसकी तासीर ठंडी होती है। विषपान के बाद शिव जी के शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए बेलपत्र चढ़ाया गया था।

2. दूध: चंद्रमा और शीतलता का कारक

शिवलिंग पर दूध चढ़ाना (दुग्धाभिषेक) शुद्धता का प्रतीक माना जाता है।

आध्यात्मिक रहस्य: समुद्र मंथन के समय जब महादेव ने हलाहल विष का पान किया, तो उनके गले में जलन होने लगी। देवताओं ने उनके शरीर को शीतलता प्रदान करने के लिए दूध से उनका अभिषेक किया।

ज्योतिषीय लाभ: यदि आपकी कुंडली में चंद्र दोष है या मन अशांत रहता है, तो शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध चढ़ाने से लाभ मिलता है।

3. शहद: मधुरता और शक्ति का संचार

शहद चढ़ाने का अर्थ है अपने जीवन और स्वभाव में मधुरता लाना।

ज्योतिषीय लाभ: शहद का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और व्यक्ति के साहस और पराक्रम में वृद्धि होती है।

आध्यात्मिक पक्ष: शहद आत्मा की शुद्धि और एकाग्रता का प्रतीक है। इसे चढ़ाने से वाणी में मधुरता आती है और पारिवारिक कलह दूर होती है।

पूजन की सही विधि और लाभ

दूध: हमेशा ताजे और कच्चे दूध का प्रयोग करें। इससे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

शहद: इसे चढ़ाने से बीमारियां दूर होती हैं और शरीर निरोगी रहता है।

बेलपत्र: बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि पत्तियां कटी-फटी न हों और चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर रहे।