Magh Purnima 2026 : माघ पूर्णिमा पर करें इन 5 चीजों का दान, शनि की क्रूर दृष्टि से मिलेगी मुक्ति

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News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, 2 फरवरी 2026 को पड़ने वाली माघ पूर्णिमा इस बार जातकों के लिए विशेष ज्योतिषीय महत्व लेकर आई है। यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, मानसिक अशांति या कार्यों में बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो इसका कारण शनि की अशुभ दृष्टि हो सकती है। ज्योतिषियों का मानना है कि माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन किए गए कुछ खास दान शनि देव के प्रकोप को शांत कर जीवन में सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकते हैं।

शनि दोष से मुक्ति के लिए क्यों खास है माघ पूर्णिमा?

माघ का महीना भगवान विष्णु को समर्पित है, वहीं शनिवार और अमावस्या/पूर्णिमा का संबंध पितरों और कर्मफल दाता शनि देव से होता है। 2026 में माघ पूर्णिमा के आसपास ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, उसमें शनि देव की शांति के लिए दान करना 'अक्षय पुण्य' (कभी न खत्म होने वाला फल) प्रदान करता है।

इन चीजों का दान बदल देगा आपकी किस्मत (Items to Donate)

शास्त्रों के अनुसार, शनि देव को काली और ठंडी तासीर वाली वस्तुएं प्रिय हैं। माघ पूर्णिमा पर निम्न चीजों का दान अवश्य करें:

दान की वस्तुलाभ (Benefits)
काले तिल और उड़दशनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए।
ऊनी कंबल या काला कपड़ाजरूरतमंदों को सर्दी से बचाने हेतु किया गया यह दान राहु-शनि दोनों को शांत करता है।
सरसों का तेलछाया दान (तेल में चेहरा देखकर दान करना) से अज्ञात भय और बीमारियों से मुक्ति मिलती है।
लोहे के बर्तनघर में स्थिरता और संपत्ति वृद्धि के लिए शनिवार/पूर्णिमा का दान उत्तम है।
अन्न और गुड़पितरों की तृप्ति और रुके हुए सरकारी कार्यों में सफलता हेतु।

अमर उजाला विशेष: साढ़ेसाती और ढैय्या वालों के लिए गुप्त उपाय

अगर आप पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, तो माघ पूर्णिमा की शाम को पीपल के वृक्ष के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें।

शनि चालीसा का पाठ: इस दिन शाम को स्वच्छ होकर शनि चालीसा का पाठ करना शुभ फलदायी होता है।

कुत्तों की सेवा: काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाने से शनि देव अति प्रसन्न होते हैं और आकस्मिक संकट टल जाते हैं।

[Image showing a devotee offering blankets and food to the needy near a temple on Purnima]

पूर्णिमा तिथि और दान का सही समय (Timing for Donation)

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 फरवरी 2026, शाम 07:14 बजे से।

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026, रात 09:20 बजे तक।

दान का श्रेष्ठ समय: 2 फरवरी को सुबह स्नान के पश्चात सूर्योदय से लेकर दोपहर तक किया गया दान सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है।

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