Magh Mela 2026 Closing : महाशिवरात्रि पर होगा माघ मेले का अंतिम महास्नान, जानें समापन की तारीख और संगम स्नान का शुभ मुहूर्त
News India Live, Digital Desk : प्रयागराज के रेतीले तट पर लगा आस्था का सबसे बड़ा मेला 'माघ मेला 2026' अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। कल्पवासियों का मुख्य स्नान माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) को संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें मेले के आखिरी स्नान पर्व पर टिकी हैं। संगम की लहरों पर आस्था की यह डुबकी 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि के साथ समाप्त होगी।
मेला समापन की प्रमुख जानकारी (Key Facts)
| विवरण | विवरण/तारीख |
|---|---|
| मेला समापन की तिथि | 15 फरवरी 2026 (रविवार) |
| अंतिम स्नान पर्व | महाशिवरात्रि |
| मेले की कुल अवधि | 44 दिन (3 जनवरी से 15 फरवरी) |
| स्थान | त्रिवेणी संगम, प्रयागराज |
महाशिवरात्रि स्नान का शुभ मुहूर्त (Snan Muhurat)
ज्योतिषाचार्यों और पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि पर संगम में स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे उत्तम माना गया है:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:44 बजे तक।
विशेष फल: इस दिन संगम में स्नान करने के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
कल्पवास का समापन और विदाई
माघ मेले का मुख्य आकर्षण 'कल्पवास' (एक महीने का कठिन आध्यात्मिक प्रवास) माघी पूर्णिमा (1 फरवरी) को आधिकारिक रूप से पूर्ण हो गया है। अधिकांश कल्पवासी अपना सामान समेटकर अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर चुके हैं, लेकिन मेले की प्रशासनिक व्यवस्था और साधु-संतों का प्रवास महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा।
महाशिवरात्रि पर ही क्यों होता है समापन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ मेला 'पौष पूर्णिमा' से शुरू होकर 'महाशिवरात्रि' तक चलता है। महाशिवरात्रि को 'शिव और शक्ति' के मिलन का पर्व माना जाता है। इस दिन अंतिम स्नान कर श्रद्धालु भगवान शिव से सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं और इसी के साथ माघ मास के सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न माने जाते हैं।
प्रशासन की तैयारी: 'मिनी कुंभ' का रिकॉर्ड
इस साल माघ मेले को 'मिनी कुंभ' के रूप में आयोजित किया गया है। अब तक लगभग 18 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। अंतिम स्नान पर्व (महाशिवरात्रि) पर भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं:
ट्रैफिक डायवर्जन: 14 और 15 फरवरी को मेला क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
अतिरिक्त घाट: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संगम तट पर अतिरिक्त स्नान घाटों की व्यवस्था की गई है।