नाभा जेल में मजीठिया से मिले डेरा ब्यास प्रमुख बोले- सब आरोप झूठे और निराधार हैं, पंजाब की राजनीति में आया भूचाल

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News India Live, Digital Desk: पंजाब की राजनीति में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया जब राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों सोमवार दोपहर नाभा जेल पहुँचे। उन्होंने वहां बंद पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से करीब 30-35 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात की। जेल से बाहर आने के बाद बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने मीडिया के सामने जो बयान दिया, उसने राज्य की 'आप' सरकार और विपक्षी दलों के बीच बहस छेड़ दी है।

डेरा प्रमुख का बड़ा बयान: "मजीठिया मेरा दोस्त है"

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने मजीठिया का खुलकर बचाव किया:

आरोप निराधार: डेरा प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मजीठिया पर लगाए गए सभी आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि ये इल्जाम झूठे हैं।"

दोस्ती का वास्ता: उन्होंने कहा कि मजीठिया उनके दोस्त हैं और वे उनसे मिलने जानबूझकर आए हैं।

एजेंसियों पर टिप्पणी: हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकारें और जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन वे निजी तौर पर इन आरोपों से सहमत नहीं हैं।

सियासी घमासान: AAP और अकाली दल आमने-सामने

डेरा प्रमुख के इस बयान पर पंजाब की राजनीति दो धड़ों में बंट गई है:

आम आदमी पार्टी (AAP) का पलटवार: आप नेता नील गर्ग ने कहा कि किसी धार्मिक गुरु का कानूनी मामलों में 'क्लीन चिट' देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, "यह तय करना अदालत का काम है कि कौन सही है और कौन गलत। धार्मिक नेताओं को विचाराधीन (Sub-judice) मामलों पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।"

अकाली दल का समर्थन: अकाली दल के प्रवक्ता बंटी रोमाना ने डेरा प्रमुख के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि "बाबा जी की बात 100 प्रतिशत सच है।" पार्टी ने इसे मजीठिया के खिलाफ राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश बताया।

मुलाकात के मायने: पारिवारिक या राजनीतिक?

पारिवारिक रिश्ता: जेल अधिकारियों के अनुसार, यह मुलाकात 'पारिवारिक सदस्य' के तौर पर हुई थी। गौरतलब है कि बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का मजीठिया की पत्नी गनीव कौर के परिवार के साथ गहरा रिश्ता है।

बजट और बेल का संयोग: दिलचस्प बात यह है कि यह मुलाकात उसी समय हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जमानत दी।