ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़ पर मध्य प्रदेश के मंत्री का शर्मनाक बयान, बोले- यह उनके लिए भी एक सबक

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News India Live, Digital Desk: मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना पर राज्य के एक मंत्री के बयान ने एक नया और गंभीर विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ जहां इस घटना ने देश को शर्मसार किया है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटन और संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने इसे पीड़ितों के लिए ही "सबक" बताकर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है।

यह शर्मनाक घटना पिछले हफ्ते सामने आई जब इंदौर में छुट्टियां मना रही तीन ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों - एलिसे पेरी, बेथ मूनी और जेस जोनासेन - के साथ दो लोगों ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

क्या है मंत्री का विवादित बयान?

सोमवार को इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पहले तो त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य पुलिस की प्रशंसा की, लेकिन फिर एक ऐसा बयान दे दिया जिसकी चौतरफा आलोचना हो रही है।

मंत्री लोधी ने कहा, "यह घटना निश्चित रूप से एक सबक है, न केवल उनके (आरोपियों) लिए बल्कि उनके (खिलाड़ियों) लिए भी कि भविष्य में सावधान रहें।"

जब पत्रकारों ने मंत्री से स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह पीड़ितों को ही दोष दे रहे हैं, तो लोधी अपने बयान पर अड़े रहे। उन्होंने आगे कहा, "देखिए, हम अपने देश में महिलाओं की पूजा करते हैं, लेकिन अगर किसी देश में कोई संस्कृति नहीं है और महिलाएं बेफिक्र होकर घूमती हैं, तो यह उन लोगों की गलती है जो उन्हें गलत नजर से देखते हैं।"

बयान पर मचा बवाल, इस्तीफे की मांग तेज

मंत्री के इस बयान के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। विपक्ष ने इस बयान को बेहद असंवेदनशील, शर्मनाक और "विक्टिम-ब्लेमिंग" (पीड़ित को ही दोष देना) का एक घृणित उदाहरण बताया है।

कांग्रेस पार्टी ने मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस की महिला विंग की एक नेता ने कहा, "यह बयान 'विक्टिम-शेमिंग' का एक क्लासिक मामला है, जहां अपराधी की बजाय पीड़ित को ही दोष दिया जा रहा है। यह निंदनीय है और मुख्यमंत्री को उन्हें तुरंत अपने मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए।"

यह घटना और उस पर मंत्री का यह बयान, दोनों ही बेहद चिंताजनक हैं। एक ओर जहां भारत अपनी "अतिथि देवो भव" (अतिथि भगवान के समान है) की परंपरा पर गर्व करता है, वहीं दूसरी ओर विदेशी मेहमानों के साथ ऐसी घटनाएं और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों के ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देश की छवि पर गहरा धब्बा लगाते हैं।