Lunar Eclipse 2026 : होली पर चंद्र ग्रहण का साया क्या आज सफर करना है खतरनाक? भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानें सूतक काल का सही समय

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News India Live, Digital Desk: आज 3 मार्च 2026, मंगलवार को साल का पहला और बेहद दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगने जा रहा है। खास बात यह है कि आज ही देश भर में होली (Holi 2026) का उत्साह भी है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान यात्रा करने और खान-पान को लेकर कुछ कड़े नियम बताए गए हैं। अगर आप आज घर से बाहर निकलने या यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

1. भारत में चंद्र ग्रहण का समय और सूतक काल (Chandra Grahan 2026 Timing)

आज लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। धार्मिक नियमों के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक काल (Sutak Kaal) शुरू हो जाता है।

सूतक काल का आरंभ: आज सुबह 06:20 बजे से।

ग्रहण का स्पर्श (शुरुआत): दोपहर 03:20 बजे

ग्रहण का मध्य: शाम 05:04 बजे

ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति): शाम 06:47 बजे

2. क्या ग्रहण के दौरान यात्रा करना सुरक्षित है? (Travelling Rules)

सूतक काल शुरू होते ही वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। ज्योतिषियों के अनुसार:

अनावश्यक यात्रा से बचें: ग्रहण काल के दौरान (दोपहर 03:20 से शाम 06:47 तक) यात्रा टालना ही बेहतर है। माना जाता है कि इस समय राहु-केतु का प्रभाव अधिक होता है, जिससे दुर्घटनाओं का भय रहता है।

गर्भवती महिलाएं रहें सावधान: यदि आप गर्भवती हैं, तो ग्रहण के दौरान सफर करने की गलती बिल्कुल न करें। सीधे चंद्रमा की रोशनी में आने से अजन्मे बच्चे पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

होली यात्रियों के लिए सलाह: जो लोग होली के लिए ट्रेन या बस से सफर कर रहे हैं, वे अपने साथ तुलसी के पत्ते रखें और मन ही मन मंत्रों का जाप करते रहें।

3. ग्रहण के दौरान भूलकर भी न करें ये काम (Do's & Don'ts)

सूतक और ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है:

भोजन और पानी: ग्रहण के समय खाना बनाना और खाना दोनों अशुभ माना जाता है। पके हुए भोजन में कुश या तुलसी के पत्ते डाल दें।

नुकीली चीजों का प्रयोग: कैंची, सुई या चाकू का इस्तेमाल न करें।

देव दर्शन: सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, इसलिए मूर्तियों को स्पर्श न करें।

सोना मना है: बीमारों और वृद्धों को छोड़कर, स्वस्थ व्यक्तियों को ग्रहण के समय सोने से बचना चाहिए।

4. ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें? (Post-Eclipse Rituals)

जैसे ही शाम 06:47 बजे ग्रहण समाप्त हो, इन नियमों का पालन अवश्य करें:

शुद्धिकरण: पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और स्वयं भी स्नान करें।

होली पूजन: स्नान के बाद ही होली की पूजा करें और गुलाल खेलें।

दान-पुण्य: चंद्र ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध या सफेद कपड़े का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

5. प्रमुख शहरों में चंद्रोदय और ग्रहण (Moonrise Timings)

भारत के विभिन्न शहरों में चंद्रमा के निकलने के साथ ही ग्रहण का नजारा दिखेगा:

दिल्ली: शाम 06:26 बजे

लखनऊ: शाम 06:12 बजे

वाराणसी: शाम 06:04 बजे

पटना: शाम 05:55 बजे