Holika Dahan 2026 : होलिका की अग्नि में भूलकर भी न डालें ये 5 चीजें, घर में आ सकती है दरिद्रता जानें सही नियम और शुभ मुहूर्त

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News India Live, Digital Desk : आज 3 मार्च 2026 को देश भर में होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। शास्त्रों में होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि होलिका की पवित्र अग्नि में कुछ चीजों को डालना बेहद अशुभ माना जाता है? ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अनजाने में की गई ये गलतियां आपके घर की सुख-शांति को भंग कर सकती हैं और आर्थिक तंगी का कारण बन सकती हैं।

1. होलिका दहन 2026: शुभ मुहूर्त और समय (Holika Dahan Shubh Muhurat)

आज भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये के बीच होलिका दहन का समय बेहद महत्वपूर्ण है। ज्योतिष गणना के अनुसार:

होलिका दहन मुहूर्त: आज रात 11:15 बजे से मध्यरात्रि 12:23 बजे तक।

भद्रा काल: आज शाम को भद्रा समाप्त होने के बाद ही दहन करना शास्त्रसम्मत होगा।

विशेष संयोग: इस बार होलिका दहन के समय चंद्र ग्रहण का सूतक भी प्रभावी है, इसलिए शुद्धिकरण का विशेष ध्यान रखें।

2. पवित्र अग्नि में कभी न डालें ये 5 चीजें (What Not to Put in Holika)

होलिका की अग्नि को 'पावन' माना जाता है, इसलिए इसमें कूड़ा-कचरा या अशुभ चीजें डालना वर्जित है:

पीपल, बरगद और आम की लकड़ी: इन पेड़ों को पूजनीय माना जाता है। इनकी लकड़ी जलाने से दोष लगता है। दहन के लिए केवल गूलर या अरंडी की लकड़ी और उपलों (कंडे) का प्रयोग करें।

प्लास्टिक और रबड़: होलिका दहन एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इसमें प्लास्टिक या जहरीली चीजें जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इसे नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है।

गंदे कपड़े या कचरा: कई लोग घर की गंदगी या पुराने फटे कपड़े होलिका में डाल देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने से घर में दरिद्रता आती है।

मांसाहार या नशीली वस्तुएं: पवित्र अग्नि में किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तु डालना महापाप माना गया है।

लोहा या धातु: अग्नि में लोहे की वस्तुएं या कीलें डालना अशुभ फल देता है।

3. होलिका दहन के नियम और सही विधि (Proper Rituals)

होलिका की पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

अर्घ्य देना: दहन से पहले होलिका की पूजा करें और जल का अर्घ्य दें।

परिक्रमा: अग्नि प्रज्वलित होने के बाद कम से कम 3 या 7 बार परिक्रमा अवश्य करें।

क्या अर्पण करें: अग्नि में नई फसल जैसे गेहूँ की बालियां, चना, अक्षत (चावल), और बताशे अर्पित करना समृद्धि लाता है।

भस्म का महत्व: अगले दिन सुबह होलिका की राख (भस्म) को माथे पर लगाना और घर के कोनों में छिड़कना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।

4. इन लोगों को नहीं देखनी चाहिए होलिका की आग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ लोगों को जलती हुई होलिका को सीधे देखने से बचना चाहिए:

नवजात शिशु: छोटे बच्चों को दहन की तेज अग्नि से दूर रखना चाहिए।

गर्भवती महिलाएं: उन्हें भी परिक्रमा के समय सावधानी बरतनी चाहिए।

नवविवाहित वधु: कुछ क्षेत्रों में पहली होली पर वधु को जलती हुई होलिका देखना वर्जित माना जाता है।

5. चंद्र ग्रहण का प्रभाव (Impact of Lunar Eclipse)

चूंकि आज 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि ग्रहण खत्म होने (शाम 06:47 बजे) के बाद स्नान करके ही होलिका दहन की पूजा की तैयारी शुरू करें। सूतक काल के दौरान पूजा पाठ के सामान्य नियमों का पालन करें।