Lucknow to Bhopal : ₹5,757 करोड़ का ग्रीनफील्ड धमाका जानें किन जिलों की चमकेगी किस्मत और क्या है पूरा रूट
News India Live, Digital Desk: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की 'भारतमाला परियोजना' के तहत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जोड़ने के लिए एक हाई-स्पीड इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल सफर छोटा करेगा, बल्कि बुंदेलखंड के पिछड़े इलाकों के लिए विकास का इंजन भी साबित होगा।
किन जिलों से होकर गुजरेगा यह हाईवे?
यह ग्रीनफील्ड हाईवे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के इन चार प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा और आगे मध्य प्रदेश के सागर हाईवे से जुड़ेगा:
कानपुर नगर: यह हाईवे कानपुर रिंग रोड (रमाईपुर के पास) से शुरू होगा।
कानपुर देहात: औद्योगिक गलियारे का एक हिस्सा यहाँ से भी होकर निकलेगा।
हमीरपुर: बुंदेलखंड के प्रवेश द्वार हमीरपुर को इस हाईवे से सीधा लाभ मिलेगा।
महोबा (कबरई): यूपी का आखिरी छोर कबरई होगा, जहाँ से यह मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा।
प्रोजेक्ट की 5 बड़ी बातें (Key Highlights):
दूरी और समय: लखनऊ से भोपाल की 600 किमी की दूरी अब मात्र 7 से 9 घंटे में तय होगी। वर्तमान में इसमें 14-15 घंटे लगते हैं।
3 चरणों में निर्माण: यह हाईवे तीन मुख्य हिस्सों में बनेगा:
कानपुर से कबरई (112-118 किमी)
कबरई से सागर (223 किमी)
सागर से भोपाल (150 किमी)
एक्सेस कंट्रोल: यह एक 'एक्सेस कंट्रोल्ड' हाईवे होगा, यानी इसमें गाड़ियाँ निर्धारित गति (100-120 किमी/घंटा) से बिना किसी बाधा के चल सकेंगी।
बायपास की सुविधा: नौबस्ता (कानपुर) से कबरई के बीच 124 किमी के हिस्से में कई बायपास बनाए जाएंगे ताकि रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक का दबाव न बढ़े।
औद्योगिक गलियारा: हाईवे के दोनों ओर विशेष 'इंडस्ट्रियल जोन' विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
कब तक होगा तैयार?
ताजा अपडेट के अनुसार, कानपुर-कबरई खंड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और निर्माण कार्य मार्च 2026 के अंत तक जमीन पर दिखने की उम्मीद है। पूरा प्रोजेक्ट 2027 के अंत तक चालू होने की संभावना है।