Labour Wages Increase 2026: मजदूरों के लिए 'अच्छे दिन'! न्यूनतम मजदूरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेगी ₹3500 तक ज्यादा सैलरी
श्रम एवं रोजगार डेस्क। देश के करोड़ों मजदूरों और कामगारों के लिए साल 2026 एक बड़ी सौगात लेकर आया है। केंद्र सरकार ने मजदूरी न्याय सुधार 2026 के तहत न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) में ऐतिहासिक इजाफा करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और नए श्रम सुधारों के आधार पर लिया गया यह निर्णय न केवल संगठित बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाएगा।
बढ़ती महंगाई के बीच कम आय से जूझ रहे निर्माण कार्य, फैक्ट्री, खेती और घरेलू कामगारों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। सरकार का मुख्य उद्देश्य हर मजदूर को एक सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
क्या है 'मजदूरी न्याय सुधार 2026'?
यह नई नीति देश में लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) का हिस्सा है। सरकार ने 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों को खत्म कर उन्हें चार संहिताओं में समाहित कर दिया है, जिससे मजदूरों के अधिकार पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं।
इस योजना की मुख्य बातें:
सार्वभौमिक कवरेज: अब खेती और घरेलू काम करने वाले असंगठित मजदूर भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे।
फ्लोर वेज (Floor Wage): केंद्र ने एक न्यूनतम मजदूरी सीमा तय की है, जिससे कम भुगतान करना अब कानूनी अपराध होगा।
VDA में बढ़ोतरी: वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया गया है, ताकि वेतन पर महंगाई का असर न पड़े।
सख्त निगरानी: शिकायतों के निपटारे के लिए नई और सख्त निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है।
कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी? (New Wage Rates)
1 जनवरी 2026 से लागू हुई नई दरों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में मजदूरी को इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
| मजदूर की श्रेणी | नई दैनिक मजदूरी (अनुमानित) | मासिक आय में संभावित वृद्धि |
|---|---|---|
| अकुशल (Unskilled) | ₹190 - ₹200 (वृद्धि के साथ) | ₹2,000 से ₹2,500 |
| अर्धकुशल (Semi-skilled) | ₹733 प्रति दिन | ₹2,800 से ₹3,200 |
| कुशल (Skilled) | पहले से काफी अधिक (राज्यवार) | ₹3,500 तक |
नोट: हरियाणा, आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों ने इन नई दरों को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर दिया है।
बैंक खाते में आएगा सीधा पैसा: बिचौलियों का खेल खत्म
सरकार ने इस बार भुगतान व्यवस्था को भी पारदर्शी बनाया है। अब मजदूरों की मजदूरी का भुगतान अनिवार्य रूप से बैंक ट्रांसफर के जरिए किया जाएगा। इससे ठेकेदारों और बिचौलियों द्वारा की जाने वाली कमीशनखोरी पर लगाम लगेगी। इसके अलावा, EPFO (भविष्य निधि) जैसी योजनाओं को और भी सशक्त बनाया गया है, जिससे रिटायरमेंट के बाद भी मजदूरों के पास एक सुरक्षित फंड मौजूद रहे।
12 जनवरी से बदल जाएगा सिस्टम
श्रम मंत्रालय के अनुसार, शिकायतों के ऑनलाइन निपटारे के लिए एक नया पोर्टल भी सक्रिय किया गया है। यदि किसी मजदूर को तय न्यूनतम मजदूरी से कम पैसे मिलते हैं, तो वह सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। यह कदम देश की आर्थिक असमानता को कम करने और समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।