KGMU धर्मांतरण कांड महिला डॉक्टर के निकाह का गवाह शारिक पीलीभीत से गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk: राजधानी लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) में तैनात एक महिला डॉक्टर के कथित जबरन धर्मांतरण और निकाह मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। इस निकाह के मुख्य गवाह और साजिशकर्ता माने जा रहे शारिक को पुलिस ने पीलीभीत से दबोच लिया है। शारिक पर आरोप है कि उसने न केवल महिला डॉक्टर के निकाह में गवाही दी थी, बल्कि वह धर्म परिवर्तन के इस पूरे खेल में मुख्य आरोपी का मददगार भी रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब केजीएमयू की एक महिला डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का ब्रेनवॉश कर उसे इस्लाम धर्म स्वीकार करने और निकाह करने के लिए मजबूर किया गया।
मुख्य आरोपी की भूमिका: महिला डॉक्टर के संपर्क में आए एक युवक पर उसे प्रेम जाल में फंसाने और फिर दबाव बनाकर धर्मांतरण कराने का आरोप है।
गवाह की गिरफ्तारी: शारिक इस निकाह का आधिकारिक गवाह था। पुलिस को शक है कि वह एक ऐसे सिंडिकेट का हिस्सा है जो शिक्षित हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर उनका धर्मांतरण कराता है।
पुलिस जांच में बड़े खुलासे (Key Points of Investigation)
| विवरण | अपडेट |
|---|---|
| गिरफ्तार आरोपी | शारिक (पीलीभीत से गिरफ्तार) |
| मुख्य धाराएं | यूपी विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम |
| साजिश का केंद्र | लखनऊ (KGMU कैंपस के आसपास) |
| अगला कदम | शारिक को रिमांड पर लेकर मास्टरमाइंड तक पहुँचना |
पीलीभीत में कैसे पकड़ा गया शारिक?
घटना के बाद से ही शारिक फरार चल रहा था। लखनऊ पुलिस की एक विशेष टीम उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। मुखबिर की सूचना पर पीलीभीत में छापेमारी की गई जहाँ वह अपने एक रिश्तेदार के यहाँ छिपा हुआ था।
दस्तावेजों की जांच: पुलिस अब शारिक के मोबाइल और निकाहनामे के उन दस्तावेजों की जांच कर रही है जिन पर उसने हस्ताक्षर किए थे।
सिंडिकेट का शक: जांच अधिकारियों का मानना है कि शारिक अकेले काम नहीं कर रहा था, बल्कि वह कुछ ऐसे संगठनों के संपर्क में था जो इस तरह के निकाहों के लिए कानूनी और कागजी मदद मुहैया कराते हैं।
KGMU प्रशासन और साथी डॉक्टरों में चर्चा
कैंपस के अंदर एक महिला डॉक्टर के साथ हुई इस घटना ने केजीएमयू प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। साथी डॉक्टरों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी का व्यवहार अचानक बदल गया था और वह परिवार से कटने लगी थी।
यूपी का सख्त धर्मांतरण कानून
उत्तर प्रदेश में जबरन या प्रलोभन देकर कराए गए निकाह और धर्मांतरण को लेकर योगी सरकार बेहद सख्त है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को 10 साल तक की जेल हो सकती है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या महिला डॉक्टर को कोई नशीला पदार्थ या 'स्लो पॉइजन' दिया गया था जिससे उसकी सोचने-समझने की शक्ति कम हो गई थी।