Kanpur Lamborghini Case : पुलिस के हत्थे चढ़ा रईसजादा लेम्बोर्गिनी हिट-एंड-रन मामले में शिवम मिश्रा गिरफ्तार ,SOG ने ऐसे बिछाया जाल
News India Live, Digital Desk : शहर के पॉश इलाके में तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार से कहर बरपाने वाले आरोपी शिवम मिश्रा की फरारी आखिरकार खत्म हुई। कानपुर पुलिस की SOG (Special Operations Group) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। शिवम पर आरोप है कि उसने अपनी लग्जरी कार से एक व्यक्ति को टक्कर मारी थी, जिससे उसकी मौत हो गई और फिर वह मौके से फरार हो गया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी? (The Operation)
शिवम मिश्रा घटना के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस ने उस पर दबाव बनाने के लिए उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया।
टेक्निकल सर्विलांस: पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से शिवम को ट्रेस किया।
घेराबंदी: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह शहर छोड़ने की फिराक में है, जिसके बाद एसओजी ने उसे धर दबोचा।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना कानपुर के चकेरी या स्वरूप नगर (विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार) इलाके के पास की बताई जा रही है, जहाँ देर रात एक बेकाबू पीली रंग की लेम्बोर्गिनी ने एक साइकिल सवार/राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी थी।
रफ्तार का जुनून: चश्मदीदों के मुताबिक, कार की रफ्तार 100 किमी/घंटा से अधिक थी।
फरार आरोपी: टक्कर मारने के बाद आरोपी ने रुककर मदद करने के बजाय कार की रफ्तार और बढ़ा दी। बाद में कार एक जगह खड़ी मिली, लेकिन ड्राइवर गायब था।
हाई-प्रोफाइल केस: आरोपी के रसूखदार परिवार से जुड़े होने के कारण पुलिस पर इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भारी दबाव था।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस कमिश्नरेट कानपुर ने स्पष्ट किया है कि कानून सबके लिए बराबर है।
मेडिकल टेस्ट: आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि घटना के समय वह नशे में था या नहीं।
कार जब्त: दुर्घटना में इस्तेमाल हुई करोड़ों की लेम्बोर्गिनी को पहले ही फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया जा चुका है।
गैर-इरादतन हत्या: शिवम के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं (लापरवाही से मौत और तेज ड्राइविंग) के तहत मामला दर्ज किया गया है।