JMM का बाबूलाल मरांडी पर कटाक्ष ,झारखंड की राजधानी वॉशिंगटन कब हुई? जानें क्या है पूरा विवाद
News India Live, Digital Desk: झारखंड के राजनीतिक गलियारों में 'लेटर वॉर' और सोशल मीडिया पर तंज कसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जेएमएम ने बाबूलाल मरांडी को "पत्रवीर" (चिट्ठियां लिखने वाला वीर) करार देते हुए उन पर तंज कसा है कि वे राज्य के मुद्दों पर केंद्र सरकार को कड़े पत्र लिखने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
विवाद की मुख्य वजह (The Controversy)
जेएमएम के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से किए गए पोस्ट के अनुसार, यह विवाद केंद्र सरकार के कथित 'सौतेले व्यवहार' और उस पर बाबूलाल मरांडी की चुप्पी को लेकर शुरू हुआ।
JMM का आरोप: जेएमएम का कहना है कि केंद्र सरकार झारखंड के हक का पैसा (विशेषकर कोयला रॉयल्टी और अन्य फंड्स) रोक कर बैठी है, लेकिन राज्य के भाजपा नेता इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
वॉशिंगटन वाला तंज: जेएमएम ने लिखा कि बाबूलाल मरांडी जी हर छोटी बात पर राज्य सरकार को पत्र लिखते हैं, लेकिन जब केंद्र से राज्य का हक मांगने की बात आती है, तो वे खामोश हो जाते हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या वे झारखंड को भारत का हिस्सा नहीं मानते या फिर "झारखंड की राजधानी वॉशिंगटन हो गई है" जो वे केंद्र (दिल्ली) को पत्र नहीं लिख पा रहे हैं?
"पत्रवीर" और "कुतुब मीनार" का जिक्र
जेएमएम ने अपने हमले में बाबूलाल मरांडी के पुराने बयानों को भी याद दिलाया:
पत्रवीर: जेएमएम ने मरांडी को "पत्रवीर" कहते हुए कहा कि वे केवल राज्य सरकार की कमियां निकालने के लिए कलम चलाते हैं।
कुतुब मीनार वाला बयान: पोस्ट में मरांडी के उस पुराने चर्चित बयान का भी जिक्र किया गया जिसमें उन्होंने कभी कहा था कि "वे भाजपा में जाने के बजाय कुतुब मीनार से कूदना पसंद करेंगे।" जेएमएम ने उनसे पूछा कि क्या वे अपना वह पुराना जज्बा फिर दिखाएंगे या फिर केंद्र के सामने सरेंडर कर चुके हैं।
भाजपा और बाबूलाल मरांडी का रुख
हालांकि भाजपा की ओर से इस विशिष्ट "वॉशिंगटन" वाले तंज पर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बाबूलाल मरांडी लगातार हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर हमलावर रहे हैं।
भाजपा का तर्क है कि राज्य सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र पर दोष मढ़ रही है।
मरांडी का कहना है कि वे राज्य की जनता के हितों की रक्षा के लिए पत्र लिखना जारी रखेंगे।