पटना में डेंगू से मौत के बाद अब रांची में स्वाइन फ्लू का बढ़ा भयंकर खौफ, मिले 3 पॉजिटिव मरीज, डॉक्टरों ने हाथ मिलाने तक से किया सख्त मना
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही खतरनाक और जानलेवा बीमारियों ने एक बार फिर से अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है, जिससे आम जनता के बीच भारी दहशत का माहौल बना हुआ है. एक तरफ जहां बिहार की राजधानी पटना में डेंगू के डंक से एक मरीज की दर्दनाक मौत होने की खबर ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा रखा है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड की राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 (H1N1) वायरस के तेजी से फैलते प्रकोप ने लोगों की नींद उड़ा दी है. रांची में अचानक से स्वाइन फ्लू के तीन पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और एहतियात के तौर पर कई कड़े कदम उठाए जाने शुरू कर दिए गए हैं. संक्रमण के इस बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को आपस में हाथ मिलाने तक से सख्त परहेज करने की सलाह दी है ताकि इस तेजी से फैलने वाले संक्रामक वायरस की चेन को समय रहते तोड़ा जा सके. स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियां हर साल मानसून और सर्दियों के बीच के संक्रमण काल में सबसे ज्यादा कहर बरपाती हैं, और यदि शुरुआती स्तर पर ही इनसे बचाव के पुख्ता उपाय न किए जाएं, तो यह महामारी का रूप ले सकती हैं. आइए इस गंभीर स्थिति की पूरी तह में जाकर सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि पटना और रांची में फैल इन दोनों खतरनाक बीमारियों का वर्तमान हाल क्या है और इससे बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्या-क्या विशेष गाइडलाइंस जारी की गई हैं.
पटना में डेंगू का बढ़ता प्रकोप और एक मरीज की मौत से मचा हड़कंप
बिहार की राजधानी पटना में पिछले कुछ हफ्तों से लगातार डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है, जो प्रशासन के लिए चिंता का बड़ा विषय बन गया है. अस्पतालों के जनरल वार्ड से लेकर प्राइवेट क्लीनिकों तक हर जगह प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों का तांता लगा हुआ है. इसी कड़ी में पटना के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में इलाज के दौरान डेंगू से पीड़ित एक मरीज की मौत होने की पुष्टि के बाद से शहरभर में कोहराम मच गया है. स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कई इलाके जैसे कंकड़बाग, बोरिंग रोड, राजेंद्र नगर और पाटलिपुत्र कॉलोनी डेंगू के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील यानी हॉटस्पॉट बने हुए हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार हो रही हल्की बारिश और जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल मिल रहा है, जिसकी वजह से एडीज मच्छर बेकाबू होकर डेंगू का वायरस तेजी से फैला रहे हैं. प्रशासन द्वारा हालांकि फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाई है. डेंगू के इस बढ़ते संक्रमण ने लोगों को अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए मजबूर कर दिया है, क्योंकि लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है.
रांची में स्वाइन फ्लू का भयानक हमला, तीन नए पॉजिटिव मरीजों मिलने से सहमा शहर
एक तरफ जहां पटना में डेंगू अपनी जानलेवा दस्तक दे रहा है, वहीं दूसरी ओर झारखंड की राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू के तीन नए पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है. रांची के अलग-अलग अस्पतालों में जब कुछ संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर उनकी आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच कराई गई, तो उनमें एच1एन1 वायरस की पुष्टि हुई, जिसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. स्वाइन फ्लू एक बेहद संक्रामक रेस्पिरेटरी बीमारी है जो हवा और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बहुत तेजी से फैलती है, और यही वजह है कि इसके मरीजों के सामने आते ही शहर के चिकित्सा संस्थानों ने तुरंत विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार करने शुरू कर दिए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि संक्रमित पाए गए सभी मरीजों का इलाज कड़े चिकित्सीय प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है और उनके संपर्क में आए परिजनों तथा अन्य लोगों की भी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. रांची में सर्दियों की आहट के साथ ही इस तरह के फ्लू के वायरस एक्टिव हो जाते हैं, जो कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अपनी चपेट में सबसे पहले लेते हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं महसूस हों, तो वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच करवाएं ताकि समय रहते संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
संक्रमण को रोकने के लिए डॉक्टरों की सख्त चेतावनी, हाथ मिलाने और भीड़भाड़ से बचें
रांची में स्वाइन फ्लू के मामलों में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए मेडिकल एक्सपर्ट्स और जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता के लिए बेहद सख्त और जरूरी एडवाइजरी जारी की है. डॉक्टरों का साफ कहना है कि स्वाइन फ्लू और अन्य वायरल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलते हैं, इसलिए जब तक इस पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए डॉक्टरों ने लोगों को आपस में हाथ मिलाने, गले मिलने या शारीरिक संपर्क बनाने से पूरी तरह बचने की सख्त सलाह दी है. हाथ मिलाने के बजाय पारंपरिक भारतीय तरीके से 'नमस्ते' करने की आदत डालने पर जोर दिया जा रहा है ताकि हाथों के जरिए वायरस एक-दूसरे तक न पहुंच सके. इसके अलावा, मॉल, सिनेमाघरों, बाजारों और सार्वजनिक परिवहन जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाते समय हर हाल में फेस मास्क पहनने और हाथों को बार-बार सैनिटाइज या साबुन से धोने के निर्देश दिए गए हैं. चूंकि छींकने या खांसने के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदें हवा में फैलकर दूसरों को संक्रमित कर सकती हैं, इसलिए मुंह और नाक को रूमाल या टिशू पेपर से ढकना अनिवार्य कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यदि जनता इन छोटे-छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण नियमों का सख्ती से पालन करे, तो इस फ्लू की चेन को आसानी से तोड़ा जा सकता है.
डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए प्रशासन के पुख्ता इंतजाम और जागरूकता अभियान
बिहार और झारखंड की राजधानियों में पैर पसार रही इन दोनों गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने कमर कस ली है और युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. पटना में जहां नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर कूलर, गमलों और छतों पर रखे पुराने टायरों की जांच कर रही हैं और पानी मिलने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ लार्वा नष्ट करने वाली दवाइयां डाल रही हैं, वहीं रांची में भी अस्पतालों को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रख दिया गया है. रांची के सदर और रिम्स (RIMS) जैसे बड़े अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच किट और ओसेल्टामिफिर (Oseltamivir) जैसी जीवन रक्षक एंटीवायरल दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा नुक्कड़ नाटक, लाउडस्पीकर और प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का महाअभियान चलाया जा रहा है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें. डॉक्टरों का यह भी कहना है कि खानपान में पौष्टिक चीजों को शामिल करें, विटामिन सी से भरपूर फल खाएं और अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेटेड रखें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत बनी रहे और शरीर ऐसे खतरनाक वायरसों का डटकर मुकाबला कर सके.