झारखंड शराब घोटाला ACB का बड़ा एक्शन, नवीन केडिया फंसे, अब खुलेगा असली राज

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News India Live, Digital Desk: दिल्ली और छत्तीसगढ़ के बाद अब झारखंड से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया है। बात सिर्फ पैसों की हेराफेरी की होती तो शायद इतनी चर्चा नहीं होती, लेकिन यहाँ मामला लोगों की सेहत और सरकारी खजाने, दोनों से खिलवाड़ का है। झारखंड में 136 करोड़ रुपये के राजस्व (Revenue) का नुकसान हुआ है, और वजह है घटिया दर्जे की शराब (Substandard Liquor)

आखिर हुआ क्या है?

कहानी यह है कि झारखंड में शराब की सप्लाई और बिक्री को लेकर कुछ नियम बनाए गए थे। लेकिन आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर घटिया क्वालिटी की देसी शराब सप्लाई की गई। इससे न सिर्फ पीने वालों की सेहत को खतरा हुआ, बल्कि सरकार को जो टैक्स और कमाई मिलनी चाहिए थी, उसमें भी 136 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हो गया।

इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।

नवीन केडिया पर कसा शिकंजा

ACB ने अपनी जांच में एक बड़ा खुलासा किया है। इस पूरे खेल में एक बड़ा नाम सामने आया है—नवीन केडिया (Naveen Kedia) का। खबर है कि एसीबी ने नवीन केडिया और उनकी कंपनी को इस मामले में आरोपी बनाया है।

आरोप है कि शराब सप्लाई करने वाली फर्मों ने अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके घटिया शराब बाजार में उतार दी। न क्वालिटी चेक हुआ, न नियमों का पालन। बस मुनाफा कमाने की होड़ में सरकारी खजाने को चूना लगा दिया गया।

जनता के साथ धोखा

जरा सोचिए, एक तरफ सरकार शराब से रेवेन्यू कमाने की सोचती है ताकि विकास कार्य हो सकें, और दूसरी तरफ बिचौलिए और भ्रष्ट लोग उसी सिस्टम को खोखला कर देते हैं। 136 करोड़ रुपये कोई छोटी रकम नहीं होती। इतने पैसों से झारखंड के कई गांवों में सड़कें बन सकती थीं या स्कूल सुधर सकते थे।

अब आगे क्या होगा?

ACB की एंट्री के बाद हड़कंप मच गया है। नवीन केडिया का नाम सामने आने के बाद यह तय माना जा रहा है कि जांच की आंच कई और बड़े चेहरों तक पहुँच सकती है। लोग अब बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि जांच पूरी ईमानदारी से हो और जनता के पैसे लूटने वालों को सही सजा मिले।