Jharkhand Giridih : बुलडोजर लौटा, पर 22 दुकानों पर खतरा टला नहीं, हाईकोर्ट ने दी 15 अक्टूबर तक की मोहलत

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के गिरीडीह में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब नगर निगम की टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ 22 दुकानों को तोड़ने पहुंच गई. दुकानदारों ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया और देखते ही देखते मौके पर हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया. हालांकि, आखिरी मौके पर झारखंड हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद बुलडोजर को बैरंग लौटना पड़ा, लेकिन इन दुकानों पर से खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला गिरीडीह के टॉवर चौक के पास नगर निगम के पुराने भवन परिसर में बनी 22 दुकानों से जुड़ा है. नगर निगम इन दुकानों को खाली कराकर तोड़ना चाहता है. इसके लिए निगम ने दुकानदारों को नोटिस भी जारी किया था. लेकिन दुकानदार अपनी रोजी-रोटी छिनने की बात कहकर इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं.

रविवार को जब नगर निगम की टीम पूरे दलबल के साथ कार्रवाई करने पहुंची, तो सभी दुकानदार बुलडोजर के आगे अड़ गए और निगम के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. करीब डेढ़ घंटे तक यह हंगामा चलता रहा. दुकानदारों का कहना था कि निगम उन्हें दुकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दे रहा है.

आखिरी मौके पर आया हाईकोर्ट का आदेश

जब माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो चुका था, तभी दुकानदारों के वकील हाईकोर्ट का आदेश लेकर मौके पर पहुंच गए. उन्होंने बताया कि इस मामले पर हाईकोर्ट में पहले से ही सुनवाई चल रही है और कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक किसी भी तरह की तोड़फोड़ पर रोक लगा दी है. वकील ने साफ किया कि कोर्ट ने यह निर्देश दिया है कि दुकानदार 15 अक्टूबर तक अपनी दुकानें आवंटित की गई नई जगह पर शिफ्ट कर लें.

अब आगे क्या होगा?

कोर्ट का आदेश देखने के बाद नगर निगम के अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा. सहायक नगर आयुक्त अशोक हांसदा ने बताया कि दुकानदारों को मकतपुर सब्जी मार्केट में लॉटरी के जरिए नई दुकानें आवंटित कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि निगम हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करेगा और 15 अक्टूबर तक इंतजार करेगा. लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर समय-सीमा खत्म होने तक दुकानदारों ने खुद दुकानें खाली नहीं कीं, तो निगम सख्त कार्रवाई करेगा.

फिलहाल, दुकानदारों को कुछ दिनों की राहत मिल गई है, लेकिन उनकी मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. अब देखना यह है कि क्या दुकानदार 15 अक्टूबर तक नई जगह पर शिफ्ट होते हैं या यह गतिरोध आगे भी जारी रहता है.