Jharkhand: हजारीबाग में हाथी का तांडव 24 घंटे में 6 लोगों को उतारा मौत के घाट, दहशत में कई गांव
News India Live, Digital Desk : झारखंड के हजारीबाग जिले में मानव-हाथी संघर्ष (Man-Animal Conflict) ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया है। जिले के कटकमसांडी और आसपास के वन क्षेत्रों में एक 'लोनर' (अकेला) हाथी ने जबरदस्त उत्पात मचाते हुए 6 ग्रामीणों की जान ले ली है।
1. कैसे और कहाँ हुआ हमला?
हाथी ने जिले के अलग-अलग गांवों को अपना निशाना बनाया।
अचानक हमला: अधिकांश मौतें उस समय हुईं जब ग्रामीण सुबह अपने खेतों की ओर गए थे या शौच के लिए निकले थे।
प्रभावित इलाके: हाथी ने कटकमसांडी, इचाक और सदर प्रखंड के सीमावर्ती इलाकों में तबाही मचाई है। मृतकों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
2. वन विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल
6 लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है।
ट्रैकिंग में विफलता: ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को हाथी की मौजूदगी की जानकारी थी, लेकिन समय रहते लोगों को सतर्क नहीं किया गया।
रेंजर्स की तैनाती: घटना के बाद वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ने के लिए 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) को तैनात किया है, लेकिन अंधेरा होने और घने जंगल के कारण ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
3. मुआवजे और सुरक्षा की मांग
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
मुआवजा: प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि देने और सरकारी नियमों के तहत 4 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
सुरक्षा उपाय: वन विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं, शाम के बाद घरों से बाहर न निकलें और हाथी दिखने पर उसे छेड़ने या उसके साथ सेल्फी लेने की कोशिश न करें।
4. झारखंड में बढ़ता मैन-एनिमल कॉन्फ्लिक्ट
झारखंड में हाथियों द्वारा जान-माल का नुकसान एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। जंगलों की कटाई और हाथियों के गलियारों (Corridors) में मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी अब भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं।