झारखंड विधानसभा अब होगी पूरी तरह High-Tech 18 फरवरी से शुरू होगा पहला पेपरलेस बजट सत्र
News India Live, Digital Desk : झारखंड की राजनीति और शासन व्यवस्था में एक ऐतिहासिक डिजिटल क्रांति होने जा रही है। राज्य विधानसभा अब पूरी तरह से पेपरलेस होने की ओर अग्रसर है। आगामी 18 फरवरी, 2026 से शुरू हो रहे बजट सत्र के साथ ही झारखंड विधानसभा में 'नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन' (NeVA) की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह कदम "डिजिटल इंडिया" के सपने को धरातल पर उतारने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
क्या है 'NeVA' और कैसे बदलेगी सदन की तस्वीर?
'नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन' (NeVA) एक अत्याधुनिक वर्कफ़्लो सिस्टम है। इसके लागू होने के बाद सदन की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी:
विधायकों को मिलेंगे टैबलेट: सदन में विधायी कार्यों के संचालन के लिए सभी विधायकों को टैबलेट और कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
ऑनलाइन सवाल-जवाब: अब विधायकों को प्रश्न पूछने या सूचनाएं देने के लिए देर रात विधानसभा आने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे 'शून्यकाल' की सूचनाएं और प्रश्न ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
डिजिटल रिकॉर्ड: कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव और समितियों की रिपोर्ट का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिसे नागरिक भी ऑनलाइन देख सकेंगे।
दो चरणों में लागू होगी व्यवस्था
विधानसभा अध्यक्ष और सचिवालय ने इस डिजिटल ट्रांजेक्शन को दो चरणों में बांटने का निर्णय लिया है:
बजट सत्र 2026 (आंशिक शुरुआत): 18 फरवरी से शुरू हो रहे इस सत्र में इसकी आंशिक शुरुआत होगी, जिसमें सूचनाएं और प्रश्न ऑनलाइन लिए जाएंगे।
मानसून सत्र (पूर्ण डिजिटल): अगले मानसून सत्र से विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया जाएगा। तब विधायक न केवल प्रश्न ऑनलाइन पूछेंगे, बल्कि उनके उत्तर भी डिजिटल माध्यम से ही मिलेंगे।
पर्यावरण और खजाने को होगा बड़ा फायदा
इस पेपरलेस पहल से झारखंड न केवल तकनीक के मामले में आगे बढ़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।
कागज की बचत: हर सत्र में हजारों टन कागज का उपयोग होता था, जो अब शून्य हो जाएगा।
लागत में कमी: छपाई और परिवहन पर होने वाले लाखों रुपये के सरकारी खर्च की बचत होगी।
पारदर्शिता: डिजिटल होने से कार्यों में तेजी आएगी और जनता के लिए विधानसभा की कार्यवाही को ट्रैक करना आसान होगा।
विधायकों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
नई व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने के लिए विधायकों और मंत्रियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विधानसभा के सेंट्रल हॉल में डिजिटल वर्कशॉप आयोजित की जाएगी ताकि सभी सदस्य 'NeVA' ऐप और टैबलेट का सहजता से उपयोग कर सकें।