रांची की सड़कों पर GTA जैसा खौफ 5 घंटे तक मचाया खूनी तांडव, किन्नर को रौंदा और छात्र को किया अगवा पुलिस ने 10 राउंड फायरिंग कर दबोचा

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News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार की देर रात से मंगलवार की सुबह तक बदमाशों ने जो आतंक मचाया, उसने पूरे शहर को दहला दिया। शराब के नशे में धुत दो अपराधियों ने एक तेज रफ्तार SUV (बोलेरो) से शहर की सड़कों पर मौत का खेल खेला। इस दौरान बदमाशों ने न केवल एक किन्नर को कुचल दिया, बल्कि एक छात्र का अपहरण कर उसे अधमरा होने तक पीटा। आखिरकार, पुलिस ने 10 राउंड फायरिंग और फिल्मी स्टाइल में पीछा करने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया।

शराब, विवाद और फिर शुरू हुआ 'डेथ रेस'

घटना की शुरुआत सोमवार रात करीब 2:30 बजे कचहरी चौक के पास हुई। आरोपी इश्तियाक अंसारी और गुफरान अंसारी का कुछ किन्नरों के साथ विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि:

किन्नर को रौंदा: बदमाशों ने अपनी SUV से एक किन्नर को कुचल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

छात्र का अपहरण: मौके पर बीच-बचाव करने आए राय यूनिवर्सिटी के छात्र बंटी कुशवाहा को बदमाशों ने जबरन गाड़ी में खींच लिया। उसे गाड़ी के अंदर बेरहमी से पीटा गया और बाद में अर्धनग्न अवस्था में सड़क पर फेंक दिया।

5 घंटे का तांडव और 10 राउंड फायरिंग

जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय और उनकी टीम ने SUV का पीछा शुरू किया।

पुलिस पर हमला: बदमाशों ने भागने के दौरान कम से कम चार बार पुलिस की गाड़ियों को टक्कर मारने और जवानों को कुचलने की कोशिश की।

चार्ली स्टाइल चेस: कचहरी चौक से शुरू हुआ यह पीछा कांके रिंग रोड, तिलता चौक और मांडर होते हुए चान्हो तक पहुँचा।

मुठभेड़: पुलिस ने सरेंडर की चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं रुके तो पुलिस ने टायर पर फायरिंग की। इस दौरान इश्तियाक अंसारी की पीठ में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को दबोच लिया गया।

आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

सिटी एसपी के अनुसार, पकड़ा गया मुख्य आरोपी इश्तियाक अंसारी पिस्का नगड़ी का रहने वाला है। वह पहले भी सांप्रदायिक हिंसा, दंगा भड़काने और तोड़फोड़ के मामलों में नामजद रह चुका है। पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों की SUV जब्त कर ली है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

शहरवासियों में दहशत, पुलिस की मुस्तैदी

इस घटना ने देर रात रांची की सुरक्षा पर सवाल तो उठाए हैं, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी हो रही है। डीएसपी प्रकाश सोय और उनकी टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर इन बेखौफ बदमाशों को काबू किया।