बिहार शराबबंदी पर जेडीयू का तीखा पलटवार, तेजस्वी अपनी पत्नी और मां से लिखवाकर लाएं, नीरज कुमार का विवादित हमला
News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में शराबबंदी को लेकर जारी घमासान अब 'जुबानी जंग' की मर्यादा लांघता नजर आ रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा शराबबंदी को 'सुपर फ्लॉप' बताए जाने और इसे 40,000 करोड़ की समानांतर अर्थव्यवस्था करार देने के बाद जेडीयू ने मोर्चा संभाल लिया है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए उनके परिवार को बीच में घसीट लिया है। नीरज कुमार ने चुनौती दी है कि अगर तेजस्वी शराबबंदी के खिलाफ हैं, तो वह अपनी पत्नी, मां और बहनों से इस पर हस्ताक्षर (Sign) करवाकर दिखाएं।
नीरज कुमार का विवादित बयान: परिवार तक पहुंची सियासत
तेजस्वी यादव के आरोपों का जवाब देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि शराबबंदी बिहार की महिलाओं, माताओं और बहनों की मांग पर लागू की गई थी। उन्होंने तीखा हमला करते हुए कहा, "तेजस्वी यादव अगर शराबबंदी को गलत मानते हैं, तो वे हिम्मत दिखाएं और अपनी पत्नी राजश्री यादव, माता राबड़ी देवी और अपनी बहनों से लिखवाकर लाएं कि बिहार में शराब मिलनी चाहिए। शराबबंदी से प्रदेश की महिलाओं को सुकून मिला है, लेकिन आरजेडी को शराब माफियाओं की चिंता सता रही है।"
तेजस्वी का आरोप: 40,000 करोड़ का भ्रष्टाचार और जहरीली शराब
इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक लंबा पोस्ट लिखकर नीतीश सरकार को घेरा था। तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के नाम पर 40,000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हो रहा है और एक समानांतर अवैध अर्थव्यवस्था चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छोटे लोगों और गरीबों को जेल भेज रही है, जबकि बड़े तस्कर और पुलिस अधिकारी इस काले धंधे से मलाई काट रहे हैं। तेजस्वी ने शराबबंदी को पूरी तरह विफल बताते हुए इसकी समीक्षा की मांग की थी।
जेडीयू का पलटवार: 'शराब माफियाओं से चंदा लेती है आरजेडी'
नीरज कुमार ने तेजस्वी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आरजेडी का शराबबंदी का विरोध करना स्वाभाविक है क्योंकि उनकी पार्टी को शराब माफियाओं से करोड़ों रुपये का चंदा मिलता है। उन्होंने चुनावी बांड (Electoral Bonds) का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि आरजेडी को शराब कारोबारियों से 46 करोड़ रुपये से अधिक का फंड मिला है। जेडीयू नेता ने साफ किया कि नीतीश कुमार जब तक हैं, बिहार में शराबबंदी के कानून से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सियासी गलियारों में खलबली: व्यक्तिगत हमलों पर उतरी राजनीति
नीरज कुमार के इस बयान के बाद आरजेडी ने कड़ी आपत्ति जताई है। आरजेडी समर्थकों का कहना है कि राजनीतिक बहस में परिवार की महिलाओं को घसीटना जेडीयू की हताशा को दर्शाता है। वहीं, बीजेपी ने भी नीरज कुमार के सुर में सुर मिलाते हुए कहा है कि शराबबंदी एक सामाजिक क्रांति है और जो इसका विरोध कर रहे हैं, वे समाज के दुश्मन हैं। फिलहाल, 2027 के चुनावों से पहले बिहार में 'शराब' और 'परिवार' पर शुरू हुई यह जंग और तेज होने के आसार हैं।