Jaipur Amayra Case : नीरजा मोदी स्कूल को हाई कोर्ट से बड़ी राहत CBSE की डि-एफिलिएशन कार्रवाई पर लगी रोक
News India Live, Digital Desk: राजस्थान हाई कोर्ट की एकल पीठ ने नीरजा मोदी स्कूल प्रशासन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीएसई द्वारा स्कूल की मान्यता रद्द करने या अन्य दंडात्मक कार्रवाई करने के नोटिस पर स्टे (Stay) दे दिया है। कोर्ट ने माना कि मामले की पूरी जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना ऐसी सख्त कार्रवाई स्कूल में पढ़ रहे अन्य हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
1. क्या है 'अमायरा केस'? (The Background)
यह मामला जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल से जुड़ा है:
विवाद की जड़: स्कूल की एक छात्रा, अमायरा के परिजनों ने आरोप लगाया था कि स्कूल प्रशासन ने फीस विवाद या अन्य प्रशासनिक कारणों से बच्ची को प्रताड़ित किया और उसे स्कूल आने से रोका।
सोशल मीडिया और विरोध: यह मामला सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसके बाद बाल अधिकार संरक्षण आयोग और शिक्षा विभाग ने इस पर संज्ञान लिया था।
CBSE का रुख: प्राथमिक जांच और शिकायतों के आधार पर सीबीएसई ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें स्कूल की मान्यता (Affiliation) रद्द करने तक की चेतावनी दी गई थी।
2. हाई कोर्ट में स्कूल की दलीलें
स्कूल प्रबंधन ने अपनी याचिका में निम्नलिखित बिंदु रखे:
एकतरफा कार्रवाई: स्कूल का दावा है कि सीबीएसई ने उनका पक्ष पूरी तरह सुने बिना ही कठोर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
छात्रों का भविष्य: मान्यता रद्द होने की स्थिति में स्कूल में पढ़ रहे सैकड़ों अन्य छात्रों का शैक्षणिक सत्र अधर में लटक जाएगा।
नियमों का पालन: स्कूल ने दलील दी कि उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और छात्रा के मामले को गलत तरीके से पेश किया गया है।
3. कोर्ट का आदेश और अगली सुनवाई
अंतरिम रोक: जस्टिस की बेंच ने सीबीएसई को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक स्कूल के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम न उठाया जाए।
जवाब तलब: कोर्ट ने सीबीएसई और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है।
अगली तारीख: मामले की अगली सुनवाई अब अप्रैल के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।