जयपुर प्रशासन का हंटर चुनावी काम में कोताही पड़ी भारी, महिला सुपरवाइजर सस्पेंड, विभाग में मचा हड़कंप

Post

News India Live, Digital Desk: अगर आप सरकारी नौकरी में हैं और आपको लगता है कि चुनावी ड्यूटी (Election Duty) को हल्के में लिया जा सकता है, तो यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। जयपुर प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि काम में "कामचोरी" या बहानेबाजी अब बिल्कुल नहीं चलेगी।

हाल ही में जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। चुनावी काम में लापरवाही बरतने के आरोप में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक महिला सुपरवाइजर (Supervisor) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से महकमे में सन्नाटा पसर गया है और बाकी कर्मचारी भी अलर्ट हो गए हैं।

आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या था और प्रशासन को इतना सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा।

गलती क्या थी? (The Negligence)

हम सब जानते हैं कि लोकतंत्र में चुनाव का काम सबसे पवित्र और जरूरी माना जाता है। इसे "राष्ट्रीय कर्तव्य" कहा जाता है।
खबरों के मुताबिक़, उक्त महिला सुपरवाइजर को चुनावी रोल (Voter List) से जुड़े कामों, विशेषकर बीएलओ (BLO) के कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी।

  • आरोप: उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों (Electoral Registration Officer) के आदेशों की अनदेखी की।
  • गैर-हाजिरी: जब काम का रिव्यू होना था या रिपोर्ट देनी थी, तो उसमें कोताही बरती गई। प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता माना।

निलंबन का आदेश: एक बड़ा सबक

अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी नोटिस का जवाब देकर बच जाते हैं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन (District Administration) कोई रियायत देने के मूड में नहीं था। जैसे ही लापरवाही की पुष्टि हुई, निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय भी बदल दिया गया है, जो किसी सजा से कम नहीं होता।

अन्य कर्मचारियों के लिए चेतावनी

जयपुर कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारियों का यह एक्शन बाकी कर्मचारियों के लिए "खतरे की घंटी" है। अभी वोटर लिस्ट अपडेट (पुनरीक्षण) का काम चल रहा है। ऐसे में यह कार्रवाई एक साफ़ संदेश है:

  1. जीरो टॉलरेंस: चुनावी काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
  2. समय पर काम: डेडलाइन का मतलब डेडलाइन है।
  3. जनता का काम: वोटर आईडी से जुड़े काम जनता के लिए बहुत जरूरी हैं, इसमें देरी करने वाले अफसर बख्शे नहीं जाएंगे।