विपक्ष मुद्दा विहीन, निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य ने जब विपक्ष चुनाव हारने लगता है, तो वह कभी ईवीएम (EVM) पर दोष मढ़ता है तो कभी निर्वाचन आयोग पर। जनता सब जानती है कि कौन उनके हक के लिए काम कर रहा है और कौन केवल भ्रम फैला रहा है।
वक्तव्य के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• विपक्ष के पास मुद्दों का अभाव: उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि विपक्ष वर्तमान में पूरी तरह से मुद्दा विहीन हो चुका है। जनता का विश्वास खोने के बाद अब वे अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का बहाना ढूंढ रहे हैं। वोटर लिस्ट में नाम कटने की शिकायतें केवल अपनी विफलता को छिपाने का एक हताशापूर्ण प्रयास है।
• निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता: श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है। आयोग समस्त राजनीतिक दलों के लिए समान भाव से कार्य कर रहा है। सरकार या किसी भी स्तर पर पक्षपात का आरोप लगाना न केवल निराधार है, बल्कि लोकतंत्र की गरिमा के विरुद्ध भी है।
• कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा की सराहना: उन्होंने निर्वाचन कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का बचाव करते हुए कहा कि आयोग के अधीन कार्यरत समस्त अमला दिन-रात पूरी सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है। उनके कठिन परिश्रम पर प्रश्नचिह्न लगाना उन हजारों कर्मचारियों के मनोबल को गिराने जैसा है जो लोकतंत्र को मजबूत बनाने में जुटे हैं।
• लोकतंत्र में शुचिता सर्वोपरि: उपमुख्यमंत्री जी ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार हमेशा निष्पक्ष चुनाव और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के पक्ष में रही है। विपक्ष को नकारात्मक राजनीति छोड़कर विकास के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।