सड़क पर निकलना सुरक्षित नहीं? पटना के इस इलाके में आवारा कुत्तों ने मचाया खौफनाक मंज़र

Post

News India Live, Digital Desk : आजकल हम सड़कों पर निकलते वक्त गाड़ियों से तो बचकर रहते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि फुटपाथ पर बैठा कोई बेज़ुबान अचानक से मुसीबत बन सकता है? पटना के फुलवारी शरीफ में रहने वाले लोगों के लिए आज का दिन किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। वहाँ आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि बस एक ही दिन में 39 लोगों को उन्होंने अपना शिकार बना डाला।

पूरा मंज़र कैसा था?
मंज़र इतना डरावना था कि क्या बूढ़े, क्या बच्चे और क्या महिलाएं कुत्तों ने किसी को भी नहीं बख्शा। कोई अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तो कोई बाज़ार से सामान लाने निकला था। लोगों का कहना है कि कुत्ते इस कदर हिंसक हो गए हैं कि वे झुंड बनाकर हमला कर रहे हैं। सोचिए, एक शांति भरा मोहल्ला अचानक से अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बदल गया।

अस्पताल में मची अफ़रा-तफ़री
जैसे-जैसे ये मामले सामने आए, पटना के स्थानीय अस्पतालों में घायलों की भीड़ जमा होने लगी। 39 लोगों को एक साथ एंटी-रेबीज इंजेक्शन (Anti-Rabies Injection) और पट्टी की ज़रूरत थी। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी इतनी बड़ी संख्या में मरीज़ों को देखकर हैरान रह गए। पीड़ितों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो अपने घर के पास ही खेल रहे थे।

गुस्से में लोग और सिस्टम पर सवाल
फुलवारी शरीफ के निवासियों में अब सिर्फ डर ही नहीं, बल्कि भारी गुस्सा भी है। उनका एक ही सवाल है  नगर निगम (Municipal Corporation) आखिर सो क्यों रहा है? आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनकी नसबंदी को लेकर कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता, प्रशासन की फाइलें नहीं खुलतीं। लोग अब शाम के बाद घर से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।

आगे क्या?
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर आवारा कुत्तों को पकड़ने या उनकी संख्या नियंत्रित करने के लिए जल्द कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है। फ़िलहाल प्रशासन की टीम इलाके में पहुँच तो गई है, लेकिन दहशत इतनी ज्यादा है कि बच्चों का पार्कों में जाना और बड़ों का सड़कों पर टहलना अब बंद हो गया है।

अगर आप भी इस इलाके में रहते हैं या उधर से गुज़र रहे हैं, तो बहुत संभलकर चलिए। लाठी या डंडा पास रखना शायद अब आपकी मज़बूरी बन गया है।