ट्रेन है या चलता-फिरता होटल? पीएम मोदी ने दी हावड़ा-गुवाहाटी को ऐसी सौगात, तस्वीरें देख दिल खुश हो जाएगा
News India Live, Digital Desk: अगर आप भी ट्रेन के सफर के शौकीन हैं और लंबे समय से भारतीय रेलवे में किसी बड़े बदलाव का इंतजार कर रहे थे, तो समझिए आपका वो इंतजार अब खत्म हो गया है। जी हां, एक ऐसी खबर आई है जो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी। हम सभी ने 'वंदे भारत' की कुर्सी वाली (Chair Car) ट्रेनों की रफ्तार और सुविधाएं तो देखी हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।
इतिहास बन गया है आज का दिन
सोचिए, आप ट्रेन में सोकर सफर करें और आपको किसी फाइव स्टार होटल जैसा अहसास हो! पीएम मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया है। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं है, बल्कि हावड़ा (Howrah) और गुवाहाटी (Guwahati) के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक सपने के सच होने जैसा है।
अक्सर देखा जाता है कि हावड़ा और पूर्वोत्तर (North East) के बीच का सफर काफी लंबा और थका देने वाला होता था। लेकिन इस नई ट्रेन के आने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि थकान शब्द भी शायद डिक्शनरी से हट जाएगा।
क्यों खास है यह सफर?
अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर साधारण राजधानी या शताब्दी एक्सप्रेस से यह अलग कैसे है? तो आपको बता दें, इस Vande Bharat Sleeper ट्रेन का डिज़ाइन ऐसा बनाया गया है कि इसमें झटके महसूस नहीं होते। यानी अगर आप पानी का गिलास भरकर मेज पर रख दें, तो ट्रेन की फुल स्पीड पर भी वह छलकने वाला नहीं है।
पीएम मोदी ने जब इसे हरी झंडी दिखाई, तो उनका विजन साफ़ था—रेलवे को आधुनिक बनाना और कनेक्टिविटी को आसान करना। खासकर, पश्चिम बंगाल और असम के बीच व्यापार और पर्यटन को इससे बहुत बड़ा बूस्ट मिलने वाला है।
हवाई जहाज जैसा अहसास, वो भी जमीन पर
इस ट्रेन के अंदर की लाइटिंग, आरामदायक बर्थ, और ऑटोमेटिक दरवाजे इसे 'वर्ल्ड क्लास' बनाते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें 'कवच' तकनीक लगी है, जो इसे और भी भरोसेमंद बनाती है। गूगल पर लोग धड़ाधड़ सर्च कर रहे हैं कि आखिर इस ट्रेन का अनुभव कैसा होगा? तो सरल शब्दों में—यह सफर नहीं, एक अनुभव है।
तो अगली बार जब भी आप हावड़ा या गुवाहाटी जाने का प्लान बनाएं, तो कोशिश कीजिएगा कि टिकट इसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का हो। यकीन मानिए, भारतीय रेलवे बदल रहा है, और यह बदलाव हम सबके लिए गर्व की बात है।
सफर आसान हो, सुविधाएं पूरी मिलें और हम समय पर अपनों के पास पहुंच सकें शायद यही तो हम सब चाहते हैं!