अजित पवार की मौत महज हादसा या सोची-समझी साजिश? भतीजे रोहित पवार ने PM मोदी से की ये बड़ी मांग
News India Live, Digital Desk : 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अब इस दुखद घटना के 15 दिन बाद उनके भतीजे रोहित पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और 'पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन' के जरिए इस हादसे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे "100% रचित साजिश" करार देते हुए जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
1. PM मोदी से क्या की मांग?
रोहित पवार ने मांग की है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केवल DGCA या CID के भरोसे न छोड़ी जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की है कि:
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की भागीदारी: इस हादसे की जांच में अमेरिका की NTSB, ब्रिटेन की AAIB या फ्रांस की BEA जैसी अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियों को शामिल किया जाए।
पारदर्शिता: ब्लैक बॉक्स का डेटा और ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग परिवार के सदस्यों को सुनाई जाए।
CBI जांच: उन्होंने इस पूरे मामले की विस्तृत CBI जांच की भी अपील की है ताकि किसी भी तरह की 'मैनिपुलेशन' (छेड़छाड़) की गुंजाइश न रहे।
2. रोहित पवार ने उठाए ये 5 चुभते सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने कुछ तकनीकी और संदिग्ध पहलुओं को सामने रखा:
ट्रांसपोंडर का बंद होना: विमान का ट्रांसपोंडर हादसे से ठीक 1 मिनट पहले (8:43 AM पर) क्यों बंद हुआ? इसे किसने बंद किया?
पायलट का रिकॉर्ड: जिस पायलट (कैप्टन सुमित कपूर) ने विमान उड़ाया, उनका पिछला रिकॉर्ड विवादास्पद रहा है (शराब पीने के लिए निलंबन)। रोहित ने पूछा कि आखिरी समय में पायलट क्यों बदले गए?
लैंडिंग का फैसला: जब रनवे 29 उपलब्ध था, तो पायलट ने लैंडिंग के लिए मुश्किल 'रनवे 11' को ही क्यों चुना?
पायलट की चुप्पी: विमान के गिरने के दौरान मुख्य पायलट पूरी तरह खामोश क्यों था? रिकॉर्डिंग में केवल सहायक पायलट की आवाज ही क्यों है?
सुरक्षा के प्रति डर: रोहित ने दावा किया कि अजित पवार को अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। उन्होंने हाल के महीनों में प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि उनमें कुछ मिलाया जा सकता है।
3. सरकार का जवाब: देवेंद्र फडणवीस ने दी सफाई
रोहित पवार के आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा:
राजनीति न करें: "अजित दादा हम सभी के प्रिय थे। इस हादसे की जांच DGCA, CID और बीजी सेफ्टी के माध्यम से उच्च स्तर पर की जा रही है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।"
संदेह का समाधान: सीएम ने आश्वासन दिया कि रोहित पवार ने जो भी शंकाएं व्यक्त की हैं, जांच एजेंसियां उनका समाधान करेंगी, लेकिन किसी को इसका 'राजनीतिक लाभ' नहीं उठाना चाहिए।