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March 26 2026 03:41 am

Iran War: ट्रंप का 5 दिन का 'युद्ध विराम' या ईरान का सरेंडर? तेहरान ने ठुकराई बातचीत की खबरें, रखीं 3 कड़वी शर्तें!

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वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध के बीच दुनिया एक बार फिर असमंजस में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का ऐलान कर शांति की उम्मीद जगाई है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ पर्दे के पीछे 'फलदायी' बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को 'फेक न्यूज' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका घुटने नहीं टेकता, यह जंग थमेगी नहीं।

ट्रंप की 'डिप्लोमेसी' या 48 घंटे के अल्टीमेटम का असर?

महज दो दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) नहीं खुला, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को 'मिटा देंगे'। अब अचानक 5 दिनों के युद्ध विराम का ऐलान कई सवाल खड़े कर रहा है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप 'सॉफ्ट और हार्ड' डिप्लोमेसी का कार्ड खेल रहे हैं ताकि वैश्विक तेल बाजारों में मची खलबली को शांत किया जा सके। ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने हमलों को इसलिए टाला है ताकि 'बातचीत' को एक मौका दिया जा सके।

ईरान की 3 कड़वी शर्तें: पीछे हटने को तैयार नहीं तेहरान

ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। मोहसिन रजाई ने युद्ध खत्म करने के लिए तीन ऐसी मांगें रखी हैं जिन्हें पूरा करना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है:

पाबंदियों की पूर्ण समाप्ति: ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए।

युद्ध का हर्जाना: अमेरिका को जंग के दौरान हुए बुनियादी ढांचे और जान-माल के नुकसान का मोटा मुआवजा देना होगा।

हस्तक्षेप न करने की गारंटी: अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह लिखित गारंटी देनी होगी कि वह कभी भी ईरान के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा।

तेहरान का पलटवार: "यह सिर्फ झूठ है"

ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बातचीत के दावों को पूरी तरह नकार दिया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने कड़े शब्दों में कहा कि ईरानी जनता अब बातचीत नहीं, बल्कि 'हमलावरों को सजा' चाहती है। ईरान का मानना है कि ट्रंप प्रशासन केवल वित्तीय बाजारों को शांत रखने के लिए 'झूठ' का सहारा ले रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर का पुनर्निर्माण नहीं होता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

दुनिया पर मंडराया संकट: $115 के पार पहुंचा कच्चा तेल

ईरान द्वारा होर्मुज के रास्ते को बंद रखने की जिद ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। कच्चे तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। यदि यह संकट 5 दिनों के इस तथाकथित युद्ध विराम के बाद भी नहीं सुलझा, तो दुनिया को एक बड़े ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का सामना करना पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगा सकती है।