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March 25 2026 04:15 am

युद्ध की आहट के बीच भारत का बड़ा कदम अरब सागर पार कर भारत आ रहे तेल-गैस के जहाज, ऊर्जा संकट से बचाने की तैयारी

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News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में गहराते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थितियों ने दुनिया भर की धड़कनों को बढ़ा दिया है। इस वैश्विक संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। देश में ईंधन की किल्लत न हो, इसके लिए खाड़ी देशों से एलपीजी (LPG) और कच्चे तेल के बड़े जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। भारत सरकार की यह रणनीति घरेलू बाजार में सप्लाई चेन को बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

सऊदी और यूएई से भारत आ रहे भारी-भरकम जहाज ताजा जानकारी के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एलपीजी से लदे दो विशाल जहाज और सऊदी अरब से एक कच्चा तेल (Crude Oil) लेकर चलने वाला टैंकर भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों का मुख्य उद्देश्य संभावित युद्ध के कारण होने वाली किसी भी सप्लाई बाधा (Supply Gap) को समय रहते भरना है। पेट्रोलियम मंत्रालय की सीधी नजर इन जहाजों की मूवमेंट पर बनी हुई है, ताकि देश के किसी भी हिस्से में रसोई गैस या पेट्रोल-डीजल की कमी का अहसास न हो।

अमेरिका-ईरान तनाव से बिगड़ सकते हैं समीकरण दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर खतरे के बादल मंडरा दिए हैं। दुनिया का एक बड़ा तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है। जानकारों का कहना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने पहले ही अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) और तात्कालिक आयात को बढ़ाना शुरू कर दिया है।

भारतीय उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली कोई भी उथल-पुथल सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालती है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इन जहाजों के आने से स्टॉक की स्थिति मजबूत होगी और त्योहारों या आगामी महीनों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आएगी। तेल कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने रिफाइनरी ऑपरेशंस को सुचारू रखें और वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार करें।