Iran Crisis : इतिहास के पन्नों से मिट गया खामेनेई का नाम ,रजा पहलवी का बड़ा ऐलान, बोले अब नया ईरान बनाने का वक्त
News India Live, Digital Desk: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बीच, 1979 की क्रांति के बाद से अमेरिका में रह रहे ईरान के पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी (Reza Pahlavi) ने एक भावुक और शक्तिशाली संदेश जारी किया है। पहलवी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस्लामिक गणराज्य (Islamic Republic) का अंत हो चुका है और अब समय आ गया है कि ईरानी जनता अपनी नियति को अपने हाथों में ले।
"खामेनेई अब इतिहास के कूड़ेदान में": रजा पहलवी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर जारी एक बयान में पहलवी ने खामेनेई को "हमारे समय का रक्तपिपासु तानाशाह" और "ईरान के हजारों वीर बेटों और बेटियों का हत्यारा" करार दिया। उन्होंने लिखा कि खामेनेई की मौत के साथ ही दमन के एक युग का अंत हो गया है और अब सत्ता का हस्तांतरण किसी नए धार्मिक नेता को नहीं, बल्कि जनता को होना चाहिए।
ईरानी सेना और पुलिस से बड़ी अपील
रजा पहलवी ने सीधे तौर पर ईरान की सेना, सुरक्षा बलों और पुलिस को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके पास "जनता के साथ खड़े होने का आखिरी मौका" है। उन्होंने अपील की कि वे ढहते हुए शासन को बचाने के बजाय एक स्वतंत्र और समृद्ध ईरान के लिए 'स्थिर संक्रमण' (Stable Transition) को सुनिश्चित करने में मदद करें। उन्होंने सुरक्षा बलों को चेतावनी दी कि वे डूबते हुए जहाज का हिस्सा न बनें।
क्या होगी आगे की रणनीति? सड़कों पर उतरने का आह्वान
पहलवी ने ईरानी जनता को सतर्क और तैयार रहने को कहा है। उन्होंने अपने संदेश में लिखा:
राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत: खामेनेई की मौत एक बड़ी जीत है, लेकिन यह मंजिल नहीं है।
निर्णायक प्रदर्शन: उन्होंने संकेत दिया कि बहुत जल्द वे देशव्यापी बड़े विरोध प्रदर्शनों के लिए "सटीक निर्देश" जारी करेंगे।
लोकतांत्रिक भविष्य: पहलवी ने एक नई संवैधानिक प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय निगरानी में स्वतंत्र चुनाव कराने का रोडमैप भी पेश किया है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन और ट्रम्प का रुख
रजा पहलवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप को "मानवीय हस्तक्षेप" (Humanitarian Intervention) बताया और उनसे अपील की कि वे नागरिक हताहतों को कम करने के लिए सावधानी बरतें। पहलवी ने खुद को एक 'ट्रांजिशनल लीडर' (संक्रमणकालीन नेता) के रूप में पेश किया है, जो ईरान को तानाशाही से लोकतंत्र की ओर ले जाने में सक्षम है।