Iran Crisis : तानाशाही का अंत, अब जनता की बारी रजा पहलवी ने खामेनेई की मौत के बाद किया बड़ा आह्वान

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News India Live, Digital Desk: ईरान के पूर्व शाह के बेटे और निर्वासन में रह रहे नेता रजा पहलवी ने अयातुल्ला खामेनेई की मौत को ईरान के इतिहास का एक निर्णायक मोड़ बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विशेष रूप से ईरानी सुरक्षा बलों से अपील की है कि वे इस नाजुक समय में एक व्यवस्थित और शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन सुनिश्चित करने में मदद करें।

रजा पहलवी का मुख्य संदेश: "अब नया सवेरा होगा"

पहलवी ने सोशल मीडिया के माध्यम से ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि दशकों पुरानी धार्मिक तानाशाही अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

सत्ता जनता के हाथ में: शासन का अगला उत्तराधिकारी कोई धार्मिक नेता नहीं, बल्कि ईरानी जनता द्वारा चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार होनी चाहिए।

बदले की भावना नहीं: उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है।

ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को सीधी चुनौती

रजा पहलवी ने एक बहुत ही रणनीतिक कदम उठाते हुए ईरान की सेना और पुलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा:

"आपकी शपथ देश की रक्षा के लिए है, किसी एक व्यक्ति या विचारधारा के लिए नहीं।"

उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि वे प्रदर्शनकारियों पर गोली न चलाएं और शासन के पतन के दौरान 'सुरक्षा कवच' (Safety Net) के रूप में कार्य करें।

उन्होंने उन अधिकारियों को माफी का संकेत भी दिया जो जनता के साथ खड़े होने का साहस दिखाएंगे।

'स्टेबल ट्रांजिशन' का रोडमैप क्या है?

पहलवी ने एक 'संक्रमणकालीन परिषद' (Transitional Council) के गठन का सुझाव दिया है, जो निम्नलिखित कार्य करेगी:

स्वतंत्र चुनाव: अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की देखरेख में निष्पक्ष चुनाव कराना।

संविधान का पुनर्लेखन: एक ऐसा संविधान बनाना जो मानवाधिकारों और धर्मनिरपेक्षता (Secularism) पर आधारित हो।

अर्थव्यवस्था का उद्धार: प्रतिबंधों को हटाने और वैश्विक निवेश को वापस लाने के लिए पश्चिमी देशों के साथ संवाद।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की मांग

रजा पहलवी ने अमेरिका, यूरोपीय संघ और पड़ोसी देशों से अपील की है कि वे इस 'ट्रांजिशन' के दौरान ईरानी जनता का समर्थन करें। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े रुख की सराहना करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया एक 'मुक्त और लोकतांत्रिक ईरान' के लिए तैयार रहे।