International Crisis : अर्जेंटीना ने अमेरिका से की निकोलस मादुरो के प्रत्यर्पण की मांग, क्या ट्रंप लेंगे बड़ा एक्शन?

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News India Live, Digital Desk :  दक्षिण अमेरिकी राजनीति में एक बड़ा धमाका हुआ है। अर्जेंटीना सरकार ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग की है। यह मांग उन गंभीर आरोपों के बाद की गई है जिसमें मादुरो पर मानवता के खिलाफ अपराध और मानवाधिकारों के उल्लंघन का दावा किया गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के फैसले पर टिकी हैं।

अर्जेंटीना का सख्त रुख: 'न्याय के लिए जरूरी है मादुरो की गिरफ्तारी'

अर्जेंटीना की न्यायपालिका और सरकार ने एक संयुक्त रुख अपनाते हुए कहा है कि मादुरो के शासनकाल के दौरान वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर यातनाएं, अवैध गिरफ्तारियां और नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ है। अर्जेंटीना के अधिकारियों का मानना है कि चूंकि अमेरिका के पास अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को पकड़ने के लिए मजबूत कानूनी तंत्र है, इसलिए उसे मादुरो को हिरासत में लेकर अर्जेंटीना को सौंपना चाहिए।

डोनाल्ड ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति और मादुरो की मुश्किलें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से ही निकोलस मादुरो के मुखर विरोधी रहे हैं। अपने पिछले कार्यकाल की तरह इस बार भी ट्रंप ने वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंधों और दबाव की नीति को प्राथमिकता दी है। अर्जेंटीना की इस मांग ने ट्रंप प्रशासन को एक बड़ा कूटनीतिक अवसर दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस स्थिति का उपयोग मादुरो सरकार को पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए कर सकता है।

क्या है पूरा विवाद? मानवाधिकारों के हनन के आरोप

वेनेजुएला में पिछले कई वर्षों से चल रहे राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच, मादुरो सरकार पर विपक्षी नेताओं को जेल में डालने और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने के आरोप लगते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) भी इन मामलों की जांच कर रहा है। अर्जेंटीना का दावा है कि मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों ने सत्ता में बने रहने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या की है।

वेनेजुएला का पलटवार: 'यह एक राजनीतिक साजिश है'

दूसरी ओर, वेनेजुएला की सरकार ने इन आरोपों और प्रत्यर्पण की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मादुरो प्रशासन का कहना है कि यह अमेरिका और अर्जेंटीना के 'दक्षिणपंथी' नेतृत्व की एक सोची-समझी साजिश है ताकि वेनेजुएला की संप्रभुता को अस्थिर किया जा सके। वेनेजुएला ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

कूटनीतिक समीकरण: क्या अमेरिका देगा साथ?

कानूनी रूप से किसी दूसरे देश के मौजूदा राष्ट्रपति का प्रत्यर्पण करना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है। हालांकि, अमेरिका ने पहले ही मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी (Narco-terrorism) के आरोप लगाए हुए हैं और उन पर करोड़ों डॉलर का इनाम भी रखा है। ऐसे में अर्जेंटीना की इस मांग को अमेरिका का समर्थन मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।