Inspection in Prisons : जेल का खाना या सजा? झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन, अब बिना बताए कभी भी हो सकती है छापेमारी
News India Live, Digital Desk : अक्सर हम फिल्मों में देखते हैं कि जेल का खाना कैसा होता है पानी जैसी दाल और पत्थर जैसी रोटी। हम और आप तो यह सोचकर किनारा कर लेते हैं कि "भैया, जिसने गलती की है उसे तो सजा भुगतनी ही पड़ेगी।" लेकिन क्या सजा का मतलब यह है कि इंसान को इंसानों वाला खाना भी न मिले?
इसी मुद्दे पर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने एक ऐसा कड़ा रुख अपनाया है, जिसने राज्य के जेल प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि कैदियों के खाने-पीने और साफ-सफाई के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।
अचानक होगी 'सरप्राइज चेकिंग' (Surprise Inspection)
हाईकोर्ट ने एक बड़ा और अहम आदेश दिया है। अब जेलों में "सरप्राइज इंस्पेक्शन" यानी औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अधिकारी अब पहले से बताकर नहीं आएंगे कि "हम आ रहे हैं, सब ठीक कर लो।" बल्कि अब किसी भी वक्त, किसी भी दिन जांच टीम धमक सकती है।
वे सीधे जेल की रसोइयों (Kitchen) में जाएंगे, राशन चेक करेंगे, और यह देखेंगे कि कैदियों को जो खाना परोसा जा रहा है, उसकी क्वालिटी (Quality) कैसी है।
आखिर कोर्ट को दखल क्यों देना पड़ा?
दरअसल, लंबे समय से ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि जेलों में कैदियों को जो खाना दिया जाता है, वो न तो पौष्टिक होता है और न ही अच्छी हालत में। हाइजीन (साफ-सफाई) के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। इसी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
सिर्फ पेट भरना नहीं, सेहत भी है जरूरी
कोर्ट का मानना है कि जेल में बंद व्यक्ति कैदी जरूर है, लेकिन वह भी एक इंसान है। उसे भी मौलिक अधिकार (Human Rights) प्राप्त हैं। गंदा खाना खिलाकर उन्हें बीमार करना सजा का हिस्सा नहीं हो सकता। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि एक टीम बनाई जाए जो समय-समय पर यह सुनिश्चित करे कि खाने की गुणवत्ता तय मानकों के अनुसार हो।
अधिकारियों की बढ़ी धड़कनें
इस आदेश के बाद जेल अधीक्षकों और रसोइयों की देखरेख करने वाले अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर अचानक छापा पड़ा और 'दाल में कुछ काला' मिला, तो सीधी कार्रवाई उन पर ही होगी।
यह फैसला सुधार की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि अब जेल की सलाखों के पीछे बंद लोगों को कम से कम दो वक्त की साफ़ और सही रोटी मिल पाएगी।