इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार 2025 का ऐलान कौन हैं वो फर्स्ट लेडी, जिनकी सादगी और साहस ने दुनिया का दिल जीत लिया?

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News India Live, Digital Desk : हाल ही में भारत सरकार की ओर से प्रतिष्ठित 'इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार 2025' का ऐलान किया गया है। इस साल यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका और मोजाम्बिक की जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्रैका माशेल (Graça Machel) को दिया जाएगा। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी की अध्यक्षता वाली इंटरनेशनल ज्यूरी ने काफी सोच-विचार के बाद उनके नाम पर मुहर लगाई है।

ग्रैका माशेल की कहानी क्यों है सबसे अलग?
ग्रैका सिर्फ एक 'बड़े नाम' की पत्नी के तौर पर नहीं पहचानी जातीं, बल्कि उनका अपना वजूद कहीं ज्यादा बड़ा है। वो दुनिया की इकलौती महिला हैं जो दो देशों की प्रथम महिला रही हैं पहले मोजाम्बिक (सामोरा माशेल की पत्नी के रूप में) और बाद में दक्षिण अफ्रीका (नेल्सन मंडेला की पत्नी के रूप में)। लेकिन इस ग्लैमर से कोसों दूर, उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी उन बच्चों और महिलाओं के लिए झोंक दी जिन्हें समाज अक्सर भूल जाता है।

बच्चों की मुस्कान ही है उनकी असली ताकत
शांति और न्याय के लिए ग्रैका का संघर्ष बेजोड़ रहा है। उन्होंने खास तौर पर अफ्रीकी देशों में शिक्षा के प्रचार और बाल श्रम जैसी बुराइयों को मिटाने के लिए अभूतपूर्व काम किया है। उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि लाखों बच्चों को स्कूल जाने का मौका मिला और कई माताओं को उनके हक मिले। यही वजह है कि ज्यूरी ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार माना है।

क्या है यह इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार?
जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि यह पुरस्कार भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद में दिया जाता है। यह सम्मान उन हस्तियों या संस्थाओं को मिलता है जिन्होंने दुनिया में शांति, समाज सेवा और विकास के लिए असाधारण काम किया हो। इसमें सम्मान स्वरूप एक बड़ी धनराशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।

दुनिया को शांति का संदेश
ग्रैका माशेल को यह सम्मान दिया जाना इस बात का सबूत है कि भले ही सरहदों की दीवारें हमें बांटती हों, लेकिन शांति और मानवता का काम हर सरहद को पार कर जाता है। उनका संघर्ष न केवल अफ्रीका के लिए बल्कि पूरी दुनिया की उन महिलाओं के लिए मिसाल है जो बदलाव लाना चाहती हैं।

हमें गर्व होना चाहिए कि भारत ऐसी वैश्विक हस्तियों को पहचान देता रहा है। ग्रैका जैसी हस्तियों की मेहनत ही हमें यकीन दिलाती है कि एक बेहतर दुनिया का सपना मुमकिन है।

आप क्या सोचते हैं?
क्या ग्रैका माशेल की तरह हमें भी अपने स्तर पर समाज के लिए कुछ छोटा सा ही सही, पर ठोस कदम नहीं उठाना चाहिए? कमेंट्स में अपनी राय जरूर दें!