Piyush Goyal : व्यापार पर भारत का रुख साफ ,किसान, मछुआरे और आस्था से कोई समझौता नहीं

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News India Live, Digital Desk: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की व्यापार नीति को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत दुनिया के साथ व्यापार बढ़ाने का इच्छुक है, लेकिन यह देश के किसानों, मछुआरों और मूल आस्थाओं या राष्ट्रीय हितों की कीमत पर कभी नहीं होगा. उन्होंने यह साफ कर दिया कि किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में इन तीन महत्वपूर्ण स्तंभों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसे व्यापारिक समझौते करना है जो देश के लिए फायदेमंद हों और जिनमें दोनों पक्षों की जीत हो.उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास ऐसे देशों के साथ समझौते करने पर है, जिनकी अर्थव्यवस्थाएं हमारी पूरक हों, न कि प्रतिस्पर्धी.” इसका मतलब है कि भारत उन देशों के साथ व्यापार को प्राथमिकता देगा जहां दोनों देशों को फायदा हो, न कि ऐसा कोई समझौता जिससे भारत के घरेलू उद्योगों को नुकसान पहुंचे

सरकार किसी भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श करती है. पीयूष गोयल ने आश्वासन दिया कि एमएसएमई (MSMEs), किसानों और उद्योग जगत के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी वार्ता में इन हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे कई देशों और व्यापारिक गुटों के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है गोयल का यह संदेश साफ करता है कि वैश्विक व्यापार में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने के साथ-साथ, भारत अपने उन करोड़ों लोगों की आजीविका की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है जो कृषि और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों पर निर्भर हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यापार समझौता राष्ट्रीय हित से ऊपर नहीं हो सकता.