Indian Wedding Rituals : सिर्फ गोरेपन के लिए नहीं, शादी में दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाने के पीछे छिपे हैं ये 4 गहरे राज़
News India Live, Digital Desk: Indian Wedding Rituals : भारतीय शादियां रस्मों, रंगों और जश्न का खूबसूरत मेल होती हैं और इन्हीं में से एक सबसे मज़ेदार और चटख रस्म है 'हल्दी की रस्म'. आपने फिल्मों में या असल शादियों में ज़रूर देखा होगा कि शादी के ठीक एक-दो दिन पहले दूल्हा और दुल्हन को उनके परिवार वाले मिलकर हल्दी लगाते हैं. यह रस्म हंसी-ठिठोली और नाच-गाने से भरी होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस पीले रंग की धूम के पीछे का असली कारण क्या है? आखिर क्यों सालों से हमारे बड़े-बुजुर्ग इस रस्म को इतनी अहमियत देते आए हैं?
यह सिर्फ़ एक रस्म नहीं है, बल्कि इसके पीछे छुपे हैं गहरे वैज्ञानिक और धार्मिक कारण, जो खूबसूरती और सौभाग्य, दोनों से जुड़े हैं. चलिए, आज इस पीले रंग के राज़ से पर्दा उठाते हैं.
खूबसूरती का नेचुरल सीक्रेट: वैज्ञानिक कारण
हमारे पूर्वज आज के ब्यूटी एक्सपर्ट्स से कम नहीं थे. वे जानते थे कि हल्दी खूबसूरती के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
- गोरी और निखरी त्वचा के लिए: हल्दी में 'करक्यूमिन' नाम का एक तत्व पाया जाता है, जो स्किन की मेलेनिन पिगमेंट को कम करके त्वचा की रंगत को निखारता है. यह नेचुरल ब्लीच की तरह काम करती है, जिससे शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन का चेहरा खिला-खिला और चमकदार नज़र आता है.
- डेड स्किन को कहे बाय-बाय: हल्दी एक बेहतरीन एक्सफोलिएंट है. जब इसे बेसन, चंदन और दूध जैसी चीजों के साथ मिलाकर उबटन बनाया जाता है और शरीर पर लगाया जाता है, तो यह डेड स्किन को हटाकर त्वचा को मुलायम और चिकना बनाता है.
- पिंपल और दाग-धब्बों की छुट्टी: हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. शादी की तैयारियों के तनाव में अक्सर चेहरे पर पिंपल या एक्ने आ जाते हैं. हल्दी इन समस्याओं को दूर रखने में मदद करती है.
- घाव भरने वाला 'एंटीसेप्टिक': हल्दी एक नेचुरल एंटीसेप्टिक है. शादी की रस्मों की भागदौड़ में अगर कहीं छोटी-मोटी चोट या खरोंच लग जाए, तो हल्दी उसे इन्फेक्शन से बचाती है और घाव को जल्दी भरने में मदद करती है.
सौभाग्य और सुरक्षा का कवच: धार्मिक और पारंपरिक कारण
हल्दी की रस्म का महत्व सिर्फ खूबसूरती तक ही सीमित नहीं है. इसका गहरा आध्यात्मिक और पारंपरिक महत्व भी है.
- नज़र दोष से बचाए: भारतीय संस्कृति में पीले रंग को बहुत शुभ माना जाता है. यह रंग सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है. ऐसी मान्यता है कि शादी से पहले दूल्हा-दुल्हन को बुरी नज़र लगने का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है. हल्दी लगाना एक तरह से उनके चारों ओर एक सुरक्षा कवच बना देता है, जो उन्हें हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा और नज़र दोष से बचाता है. इसीलिए हल्दी की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन को घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती.
- नई ज़िंदगी की शुभ शुरुआत: भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है और उन्हीं की कृपा से विवाह जैसे मांगलिक कार्य सम्पन्न होते हैं. दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाकर एक तरह से उन्हें भगवान का आशीर्वाद दिलाया जाता है, ताकि उनका आने वाला वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहे.
- तनाव को करे दूर: हल्दी में ऐसे गुण भी होते हैं, जो दिमाग को शांत करने और तनाव को कम करने में मदद करते हैं. इसकी महक और स्पर्श शादी की घबराहट को कम करके दूल्हा-दुल्हन को रिलैक्स महसूस कराता है.
तो अगली बार जब आप किसी की हल्दी की रस्म में जाएं, तो याद रखिएगा कि यह सिर्फ गाने-बजाने और मज़े करने का मौका नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी गहरी और खूबसूरत परंपरा है जो विज्ञान, आस्था और प्यार के धागों से बुनी गई है.