India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता, अमेरिका ने हटाया 25% अतिरिक्त शुल्क; इन 10 बातों से समझें पूरी डील

Post

नई दिल्ली/वाशिंगटन। भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) को अंतिम रूप दे दिया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने न केवल भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, बल्कि सबसे बड़ी राहत देते हुए भारतीय आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क को भी पूरी तरह वापस ले लिया है। इस कदम से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर कपड़ा और रत्न उद्योग को जबरदस्त मजबूती मिलने की उम्मीद है।

आइए 10 बिंदुओं में समझते हैं इस मेगा डील की हर बड़ी बात:

1. अमेरिकी सामानों के लिए भारतीय बाजार के द्वार खुले

इस समझौते के तहत भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क (Tariff) कम करेगा या पूरी तरह हटा देगा। इसमें मुख्य रूप से मेवे, ताजे फल, सोयाबीन तेल, शराब, स्पिरिट और पशु आहार शामिल हैं।

2. भारतीय टेक्सटाइल और लेदर इंडस्ट्री को संजीवनी

अमेरिका अब भारतीय वस्तुओं पर केवल 18% टैरिफ लगाएगा। इसका सीधा लाभ भारत के कपड़ा उद्योग (रेडीमेड गारमेंट्स), चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन और हस्तशिल्प उत्पादों को मिलेगा।

3. जेनेरिक दवाओं और हीरों पर से हटेगा अतिरिक्त बोझ

यदि यह समझौता पूर्ण रूप से लागू होता है, तो अमेरिका भारतीय जेनेरिक दवाओं, रत्न-आभूषण (हीरे) और विमान के पुर्जों पर लगने वाले अतिरिक्त टैक्स को समाप्त कर देगा। इससे अमेरिका में भारतीय दवाओं की पहुंच और सुगम होगी।

4. एविएशन सेक्टर में बड़ी राहत

समझौते के तहत अमेरिका भारत से आयातित कुछ विमानों और उनके कलपुर्जों पर से भी टैक्स हटा देगा, जिससे द्विपक्षीय एयरोस्पेस व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

5. मेडिकल डिवाइस की बाधाएं होंगी दूर

दोनों देश उन गैर-टैरिफ बाधाओं (Non-Tariff Barriers) को खत्म करेंगे जो व्यापार को धीमा करती हैं। भारत अमेरिका के मेडिकल डिवाइसेस से जुड़ी पुरानी समस्याओं को सुलझाएगा, जिससे अमेरिकी चिकित्सा उपकरण भारतीय बाजार में आसानी से उपलब्ध होंगे।

6. तकनीकी उत्पादों पर लाइसेंसिंग नियमों में ढील

भारत अब अमेरिकी सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) वस्तुओं के लिए कड़े आयात लाइसेंसिंग नियमों को खत्म करेगा। इससे अमेरिकी तकनीकी उत्पादों की भारतीय बाजार में पहुंच तेज होगी।

7. कृषि उत्पादों की पहुंच में सुधार

भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों को प्रभावित करने वाली पुरानी गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाएगा, जिससे अमेरिकी किसानों को भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने में आसानी होगी।

8. 500 अरब डॉलर की खरीदारी की योजना

भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसमें मुख्य रूप से ऊर्जा (Energy), विमान, कीमती धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला शामिल हैं।

9. GPU और तकनीकी सहयोग पर जोर

दोनों देश डेटा केंद्रों के लिए आवश्यक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) जैसे उच्च-तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करने पर भी सहमति बनी है।

10. द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की ओर कदम

यह तो बस शुरुआत है! दोनों पक्ष बाजारों को और अधिक खोलने के लिए एक पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी रखेंगे। भविष्य में अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ और अधिक कम करने के भारत के अनुरोध पर विचार कर सकता है।