राजस्थान में कड़ाके की ठंड के बीच बच्चों की रजाई से निकलने की जंग खत्म, प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला

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News India Live, Digital Desk: भला 2 या 3 डिग्री के तापमान में छोटे बच्चों का रजाई छोड़कर स्कूल के लिए तैयार होना कितना मुश्किल है, यह सिर्फ एक मां या पिता ही समझ सकते हैं। राजस्थान के कई जिलों में पारा शून्य के पास पहुंच गया है और घने कोहरे के कारण सड़क पर हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य के 13 जिलों के जिला कलेक्टरों ने स्कूलों की छुट्टियों और समय को लेकर नए आदेश जारी किए हैं।

क्या हुआ है बदलाव?
मौसम विभाग की ओर से 'रेड अलर्ट' जारी होने के बाद, प्रशासन ने मुख्य रूप से बच्चों की सेहत को ध्यान में रखा है।

  1. छुट्टियां बढ़ीं: राज्य के करीब 13 जिलों में प्राइमरी क्लास (कक्षा 5 या 8 तक, जिला स्तर के आदेशानुसार) तक के बच्चों की सर्दियों की छुट्टियां आगे बढ़ा दी गई हैं।
  2. टाइमिंग में बदलाव: जिन जिलों में स्कूल खुले रखने का फैसला लिया गया है, वहां की टाइमिंग बदल दी गई है। अब ज्यादातर स्कूलों को सुबह 10:00 या 10:30 बजे से खोलने का आदेश दिया गया है, ताकि सूरज निकलने के बाद ही बच्चे घर से बाहर निकलें।

इन 13 जिलों पर है खास नजर
बीकानेर, सीकर, चूरू, हनुमानगढ़ और जैसलमेर जैसे इलाकों में ठंड ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पछुआ हवाएं और हाड़ कपाने वाली सर्दी इसी तरह बनी रहेगी। घना कोहरा छाने की वजह से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिसके चलते सुबह-सुबह स्कूली बसों और गाड़ियों के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है। यही वजह है कि कलेक्टरों ने जोखिम न लेते हुए समय में बदलाव का रास्ता चुना।

पेरेंट्स के लिए राहत की बात
सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स पर अभिभावक लगातार मांग कर रहे थे कि ठंड के चलते स्कूल के समय में रियायत दी जाए। छोटे बच्चों में ठंड के कारण निमोनिया और सर्दी-जुकाम का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में इस सरकारी फैसले से उन माता-पिता ने चैन की सांस ली है, जो सुबह अंधेरे में ही अपने बच्चों को स्कूल वैन तक छोड़ने जाते थे।

एक जरूरी सलाह
स्कूलों की नई टाइमिंग और छुट्टियों के नियम अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने स्कूल के मैनेजमेंट या क्लास टीचर से सीधे संपर्क में रहें और अधिकारिक आदेश का पालन करें। इसके साथ ही, बच्चों को भरपूर गरम कपड़े पहनाएं और सुबह गुनगुने पानी का सेवन जरूर करवाएं।

राजस्थान का यह बर्फीला मिजाज अभी कुछ दिन और टिक सकता है, इसलिए सतर्क रहें और बच्चों का खास ख्याल रखें।