राजस्थान में बेटी होने पर मिलेंगे पूरे 1.5 लाख रुपये! 'लाडो प्रोत्साहन योजना' ने बदली किस्मत, जानें कौन और कैसे करें आवेदन

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जयपुर: राजस्थान सरकार ने बेटियों के भविष्य को सुनहरा बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की है। 'लाडो प्रोत्साहन योजना' नाम की यह स्कीम न सिर्फ गरीब परिवारों के सिर से बेटी की परवरिश और पढ़ाई के आर्थिक बोझ को कम कर रही है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच में भी एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा लाई गई यह महत्वाकांक्षी योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है और लाखों परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बन गई है।

क्या है लाडो प्रोत्साहन योजना?
शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार है, इसी सोच के साथ राजस्थान सरकार ने इस योजना को धरातल पर उतारा है। इसका मुख्य उद्देश्य बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा पूरी होने तक हर महत्वपूर्ण कदम पर आर्थिक सहायता पहुंचाना है। योजना के तहत, सरकार की ओर से एक बेटी को कुल 1.5 लाख रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है। यह योजना सुनिश्चित करती है कि कोई भी परिवार पैसे की कमी के कारण अपनी बेटी को पढ़ाने से पीछे न हटे।

किश्तों में कैसे मिलेगा पैसा? जानें पूरा ढांचा
सरकार यह 1.5 लाख रुपये की राशि एकमुश्त नहीं, बल्कि बेटी के जीवन के अलग-अलग महत्वपूर्ण पड़ावों पर देती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करे। इसका ढांचा कुछ इस प्रकार है:

  • जन्म पर: बेटी के जन्म के समय पहली किश्त परिवार को दी जाती है।
  • टीकाकरण: एक साल की उम्र में सभी जरूरी टीके लगवाने पर अगली राशि मिलती है।
  • स्कूल में प्रवेश: कक्षा 1 में दाखिला लेने पर, फिर कक्षा 6, दसवीं और बारहवीं पास करने पर भी सरकार द्वारा निर्धारित राशि खाते में जमा की जाती है।
  • उच्च शिक्षा: अंत में, स्नातक की पढ़ाई पूरी करने पर या 21 साल की उम्र पूरी होने पर सबसे बड़ी किश्त दी जाती है, जो उसे अपना भविष्य बनाने में मदद करती है। यह चरणबद्ध प्रक्रिया लड़कियों के स्कूल ड्रॉपआउट रेट को कम करने में भी कारगर साबित हो रही है।

कैसे करें योजना के लिए आवेदन?
राजस्थान सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और डिजिटल बना दिया है ताकि इसका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच सके।

  1. सरकारी अस्पताल में जन्म होने पर बच्ची का विवरण स्वतः ही स्वास्थ्य विभाग के PCTS पोर्टल पर दर्ज हो जाता है।
  2. इसके बाद, माता-पिता को राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल पर जाकर अपनी आईडी से लॉगिन करना होता है।
  3. वहां 'लाडो प्रोत्साहन योजना' का विकल्प चुनकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है।
  4. फॉर्म के साथ बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं।
  5. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, योजना की पहली किश्त सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। यह डिजिटल प्रक्रिया बिचौलियों और भ्रष्टाचार को खत्म करती है।

सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, एक सामाजिक क्रांति
लाडो प्रोत्साहन योजना केवल एक वित्तीय सहायता स्कीम नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति की मिसाल बन रही है। इस योजना के कारण अब गरीब परिवारों में भी बेटी का जन्म बोझ नहीं, बल्कि उत्सव का अवसर बन रहा है। इससे समाज में बेटे-बेटी के बीच भेदभाव कम हो रहा है, लिंगानुपात सुधर रहा है और सबसे महत्वपूर्ण, बेटियों की शिक्षा दर में तेजी से वृद्धि हो रही है। आत्मनिर्भर होकर ये बेटियां राजस्थान के विकास में एक नई इबारत लिखेंगी।