Sustainable Travel 2026 : एशिया के टॉप-3 सस्टेनेबल मार्केट्स में भारत 88% भारतीय यात्रियों की पहली पसंद अब इको-फ्रेंडली सफर
News India Live, Digital Desk :18 मार्च 2026 को जारी इस सर्वे के मुताबिक, अब 'सस्टेनेबल ट्रैवल' केवल एक फैशन नहीं बल्कि भारतीय यात्रियों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। भारत इस सूची में 88% स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है।
1. एशिया की रैंकिंग (Agoda Sustainable Travel Index 2026)
एशियाई देशों में जागरूकता के मामले में भारत कई विकसित देशों से आगे निकल गया है: | स्थान | देश | प्राथमिकता (Priority %)
थाईलैंड 95%
इंडोनेशिया | 93%
भारत / मलेशिया 88%
ताइवान 83%
2. इस बदलाव के पीछे के 3 मुख्य कारण (What's Driving the Shift?)
भारतीय यात्रियों के व्यवहार में आए इस बड़े बदलाव के पीछे ये प्रमुख कारक जिम्मेदार हैं:
स्थानीय समुदायों पर प्रभाव (39%): सबसे बड़ा कारण यह है कि भारतीय यात्री अब यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके द्वारा खर्च किया गया पैसा सीधे स्थानीय लोगों और छोटे व्यवसायों के काम आए।
प्राकृतिक परिदृश्य और वन्यजीव संरक्षण (33%): भारतीय अब ऐसी जगहों पर जाना पसंद कर रहे हैं जहाँ प्रकृति और वन्यजीवों को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हों।
गहरा जुड़ाव (16%): यात्री अब केवल दर्शनीय स्थलों को देखने के बजाय उस गंतव्य की संस्कृति और परंपराओं के साथ एक सार्थक और गहरा संबंध बनाना चाहते हैं।
3. ‘एक्सपीरियंस ओवर एवरीथिंग’
सर्वे के अनुसार, 35% भारतीय अब उन टूर और गतिविधियों में निवेश कर रहे हैं जो पर्यावरण की रक्षा करते हैं। इसके अलावा:
ग्रीन स्टे: सौर ऊर्जा से चलने वाले विला और 'जीरो-वेस्ट' लॉज की मांग बढ़ी है।
इको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट: छोटी उड़ानों के बजाय ट्रेनों (विशेषकर वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता दी जा रही है।
बजट 2026 का प्रभाव: भारत सरकार द्वारा 'इको-टूरिज्म' के लिए विशेष बजट (जैसे ओडिशा में टर्टल ट्रेल्स) आवंटित करने से भी इस क्षेत्र को बढ़ावा मिला है।
4. भविष्य का रुझान
सर्वे में शामिल 90% भारतीयों का मानना है कि अगले तीन वर्षों तक उनके लिए सस्टेनेबल ट्रैवल सबसे महत्वपूर्ण रहेगा। पर्यटन अब केवल 'फोटो खींचने' तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'समाज को वापस देने' (Giving back to society) का जरिया बन रहा है।